सहारनपुर देवबंद
सिविल कोर्ट देवबंद में अधिवक्ताओं ने सामाजिक क्रांति के अग्रदूत महात्मा ज्योति राव फुले जी की 200 वi जयन्ती पर वक्ताओं ने अपने संबोधन में महात्मा ज्योति राव फुले जी को भारत रत्न देने की मांग की. प्रमुख समाजसेवी एवं कार्यक्रम संयोजन राम किशन सैनी अधिवक्ता ने कहा कि महात्मा ज्योति राव फुले जी व उनकी पत्नि माता सावित्री बाई फुले ने मिलकर महिला शिक्षा, शोषित, वंचितों, दलितों, अति दलितों, पिछड़ों, महिला उत्थान के लिए जीवन पर्यंत कार्य किया. सती प्रथा, बाल विवाह, अंधविश्वास, पाखंड, कुरीतियों का विरोध कर लोगों को जागरूक किया.
महात्मा ज्योति राव का जन्म 11 अप्रैल 1827 को महाराष्ट्र में हुआ. 1848 में पहला महिला विधालय खोला, 18 विधालय खोले जिनमें निःशुल्क शिक्षा दी जाती है. 1873 में सत्य शोधक समाज की स्थापना की. प्रमुख पुस्तकें गुलाम गिरी, किसान का कोड़ा, सत्कार आदि.
भारत सरकार को फुले दंपति को उनके मह्त्वपूर्ण योगदान को, शिक्षा की अलख,आदि कार्यों के लिए भारत रत्न देने की मांग की.
उपस्थित रहे वीरेंद्र सैनी, कुलदीप सैनी, शंभू सैनी, सुशील सैनी, parvesh कुमार गौतम, summaiya ad, मदन सिंह, नितिन सैनी, सुख पाल सैनी, राम सिंह सैनी, मित्र पाल सैनी आदि रहे.
प्रेषक
राम किशन सैनी अधिवक्ता
सिविल कोर्ट देवबंद
चैम्बर n 16a
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़