दुद्धी सोनभद्र। भारत रत्न एवं संविधान शिल्पी डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती को लेकर विंढमगंज थाना परिसर में रविवार को एक महत्वपूर्ण एवं व्यापक बैठक का आयोजन किया गया। बैठक की अध्यक्षता थाना प्रभारी ने की, जिसमें क्षेत्र के प्रतिष्ठित नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, जनप्रतिनिधियों एवं विभिन्न संगठनों के पदाधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
बैठक के दौरान प्रशासन ने स्पष्ट किया कि बाबा साहब की जयंती को पूरी गरिमा, शांति और भाईचारे के वातावरण में संपन्न कराना सर्वोच्च प्राथमिकता है। थाना प्रभारी ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों से फैलने वाली किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना या अफवाह पर ध्यान न दें और आपसी सौहार्द बनाए रखें। उन्होंने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और कठोर कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन द्वारा जुलूस, रैली, सभा या अन्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए गए। आयोजकों को पूर्व में अनुमति लेने, निर्धारित मार्गों का पालन करने तथा समय-सीमा का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही ध्वनि प्रदूषण नियंत्रण, यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने एवं आम जनजीवन को प्रभावित न होने देने पर विशेष जोर दिया गया।
बैठक में उपस्थित समाज के विभिन्न वर्गों के प्रतिनिधियों ने भी प्रशासन के प्रति पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि वे डॉ. भीमराव अंबेडकर के बताए मार्ग समानता, शिक्षा और सामाजिक न्याय पर चलते हुए कार्यक्रमों को शांतिपूर्ण और अनुशासित ढंग से आयोजित करेंगे। वक्ताओं ने बाबा साहब के विचारों को आज के समय में और अधिक प्रासंगिक बताते हुए उनके आदर्शों को अपनाने का संकल्प लिया।
कानून-व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाए रखने के लिए प्रशासन ने संवेदनशील स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती, प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ाने तथा लगातार गश्त करने की रणनीति तैयार की है। इसके साथ ही आपात स्थिति से निपटने के लिए त्वरित प्रतिक्रिया टीम को भी अलर्ट मोड पर रखा गया है।
अंत में प्रशासन ने आम जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या व्यक्ति की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।
इस प्रकार विंढमगंज थाना में आयोजित यह बैठक बाबा साहब की जयंती को शांति, अनुशासन और भाईचारे के साथ मनाने की दिशा में एक मजबूत और प्रभावी पहल के रूप में सामने आई।