सहारनपुर
थाना चिलकाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम संगमोर में मंगलवार की शाम एक हृदयविदारक घटना सामने आई है। यहाँ एक ईंट भट्ठे पर खेल रहे पाँच बच्चों पर मिट्टी का भारी-भरकम ढेर गिरने से दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। इस घटना के बाद से मजदूरों की बस्ती में मातम पसरा हुआ है खेल-खेल में हुआ हादसा!चिलकाना थाना प्रभारी निरीक्षक सिमरन सिंह के अनुसार, घटना संगमोर गांव के पास स्थित एक ईंट भट्ठे की है। यहाँ शामली जिले के कैराना और कांधला क्षेत्र से आए मजदूर परिवार सहित रहकर मेहनत-मजदूरी करते हैं! मंगलवार शाम करीब पांच बच्चे भट्ठे के पास मिट्टी की खुदाई से बने एक गहरे गड्ढे में खेल रहे थे। इसी दौरान ऊपर मौजूद मिट्टी का एक बड़ा हिस्सा भरभरा कर बच्चों पर गिर गया। देखते ही देखते सभी बच्चे मलबे के नीचे दब गए। मिट्टी गिरते ही आसपास काम कर रहे मजदूरों में हड़कंप मच गया। परिजनों और अन्य श्रमिकों ने तुरंत अपने हाथों और फावड़ों से मिट्टी हटाना शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद पांचों बच्चों को बाहर निकाला गया और आनन-फानन में उन्हें पास के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) ले जाया गया। अस्पताल पहुँचने पर चिकित्सकों ने दो बच्चों, जावेद (8 वर्ष) और अमिया (11 वर्ष) को मृत घोषित कर दिया!वहीं, इस हादसे में घायल हुए तीन अन्य बच्चों की हालत चिंताजनक बनी हुई है, जिन्हें बेहतर उपचार के लिए सहारनपुर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस कार्रवाई आगे नहीं बढ़ सकी। थाना प्रभारी ने बताया कि पीड़ित मजदूर और भट्ठा मालिक के बीच आपसी समझौता हो गया है। मजदूरों ने किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई या पोस्टमॉर्टम कराने से इनकार कर दिया है। बताया जा रहा है कि ये मजदूर पिछले करीब 10 वर्षों से इसी भट्ठे पर काम कर रहे थे।हादसे के बाद दोनों मृतक बच्चों के शवों को संगमोर गांव के ही कब्रिस्तान में गमगीन माहौल में सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया। इस घटना ने एक बार फिर ईंट भट्ठों पर सुरक्षा मानकों और वहां रहने वाले मजदूरों के बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं?
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़