संवाददाता, जनपद बरेली। स्मार्ट (प्रीपेड) मीटर व्यवस्था से उपजी समस्याओं को लेकर व्यापारियों का गुस्सा अब सड़कों पर दिखने लगा है। उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल, उत्तर प्रदेश (पंजी.) के बैनर तले जिला अध्यक्ष अकरम खान के नेतृत्व में सैकड़ों व्यापारियों ने बिजली विभाग के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन करते हुए चीफ इंजीनियर ई. ज्ञानेंद्र सिंह को ज्ञापन सौंपा।
व्यापारियों ने आरोप लगाया कि प्रीपेड मीटर लगाए जाने के बाद से उपभोक्ताओं की परेशानियां लगातार बढ़ती जा रही हैं। बिना किसी स्पष्ट कारण के बिजली कटौती, मोबाइल ऐप पर रिचार्ज अपडेट न होना और मीटर से जुड़ी तकनीकी खामियां आम समस्या बन चुकी हैं। इससे न केवल व्यापार प्रभावित हो रहा है, बल्कि आम उपभोक्ता भी त्रस्त है।
प्रदर्शन के दौरान यह भी आरोप लगाया गया कि वर्षों पुराने बकाए के नाम पर अवैध वसूली की जा रही है। वहीं नए कनेक्शन और बिलिंग प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव साफ नजर आ रहा है। कई उपभोक्ताओं का डेटा पोर्टल पर अपडेट न होने से उन्हें बार-बार दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
व्यापार मंडल ने मुख्यमंत्री को भेजे मांग पत्र में प्रीपेड मीटर की अनिवार्यता समाप्त करने, मैन्युअल विकल्प बहाल करने, मीटर पर कम से कम पांच साल की गारंटी देने और उपभोक्ताओं को पूर्ण जानकारी व प्रमाणपत्र उपलब्ध कराने की मांग उठाई है। साथ ही शिकायत निवारण प्रणाली को मजबूत करने के लिए प्रभावी हेल्पलाइन और कंट्रोल रूम की व्यवस्था लागू करने पर जोर दिया गया।
इस दौरान महामंत्री कमल गुप्ता, डॉ. मुनिन्द्र प्रताप सिंह, जावेद, परवेज, रिजवान, राजेश दिवाकर समेत बड़ी संख्या में व्यापारी मौजूद रहे। व्यापार मंडल ने चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
प्रवन पाण्डेय इंडियन टीवी न्यूज़ जिला संवाददाता बरेली