गाजियाबाद के साहिबाबाद क्षेत्र में AK Children Academy, Dashmesh Public School, Everest Public School, और Delhi Convent School जैसे निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा का अधिकार (RTE) के तहत बच्चों को प्रवेश देने में आनाकानी करने का मामला तूल पकड़ रहा है। आवंटन पत्र होने के बावजूद गरीब बच्चों को स्कूलों से खाली हाथ लौटना पड़ रहा है, जिसे लेकर अभिभावकों में भारी आक्रोश है।
साहिबाबाद: RTE दाखिलों पर स्कूलों की ‘मनमानी’ और प्रशासन का अल्टीमेटम
गाजियाबाद: साहिबाबाद क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित निजी स्कूलों ने RTE कानून को ताक पर रख दिया है। अप्रैल 2026 के ताजा सत्र के लिए आवंटित सीटों पर भी स्कूल प्रबंधन दाखिला देने में देरी कर रहे हैं। अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रशासन ‘सीटें फुल’ होने या ‘दस्तावेजों में कमी’ जैसे बहाने बनाकर उन्हें गुमराह कर रहा है。
खबर के मुख्य बिंदु:
सीटों का बहाना: स्कूलों द्वारा यह दावा किया जा रहा है कि उनके पास RTE कोटा के तहत और सीटें उपलब्ध नहीं हैं, जबकि शिक्षा विभाग ने पोर्टल के लाइव डेटा के आधार पर ही सीटें आवंटित की हैं।
अभिभावकों का उत्पीड़न: साहिबाबाद के Everest Public School और Dashmesh Public School जैसे क्षेत्रों में अभिभावकों ने शिकायत की है कि उन्हें बार-बार स्कूल के चक्कर लगवाए जा रहे हैं。
प्रशासनिक कार्यवाही: गाजियाबाद के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) ने साफ कर दिया है कि जो स्कूल आदेशों का उल्लंघन करेंगे, उनका UDISE कोड बंद कर दिया जाएगा और उनकी मान्यता रद्द करने की सिफारिश शासन को भेजी जाएगी।