राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी —जिले में इन दिनों आसमान से आग बरस रही है। सूर्य की तीखी तपिश ने जनजीवन को बेहाल कर दिया है। तापमान 44 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच चुका है, जिससे दोपहर के वक्त सड़क पर निकलना तक मुश्किल हो गया है।
लेकिन इस भीषण गर्मी के बीच सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं छोटे-छोटे स्कूली बच्चे, जो भारी बस्ते के साथ तेज धूप में स्कूल जाने को मजबूर हैं।
जहां एक ओर प्रदेश के कई जिलों में बढ़ते तापमान को देखते हुए स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है, वहीं कटनी जिले में अब भी स्कूल पूर्ववत संचालित हो रहे हैं। इस स्थिति ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
दोपहर के समय हालात ऐसे हैं कि सड़कें तप रही हैं, लू के थपेड़े सीधे शरीर को झुलसा रहे हैं। ऐसे में बच्चों का घर से बाहर निकलना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का भी साफ कहना है कि इस तरह की भीषण गर्मी में बच्चों को डिहाइड्रेशन, हीट स्ट्रोक और अन्य बीमारियों का खतरा तेजी से बढ़ जाता है।
अब बड़ा सवाल यह है कि जब अन्य जिलों में बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है, तो कटनी प्रशासन आखिर किस बात का इंतजार कर रहा है?
क्या किसी अप्रिय घटना के बाद ही कोई निर्णय लिया जाएगा?
अभिभावकों ने प्रशासन से अपील की है कि बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जल्द से जल्द उचित निर्णय लिया जाए। क्योंकि पढ़ाई बाद में भी हो सकती है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा सबसे पहले जरूरी है।