जरीना खातुन ब्यूरो चीफ
बांदा (उप्र)|बांदा जिले के यमुना पट्टी के क्षेत्र में स्थित इछावर बसुधरी और लसडा गांव में बाढ़ और कटान के बीच के लिए बनाई गई 33 करोड़ की स्टोन टीचिंग 1 वर्ष में ही बह जाने से एक बड़ा सवाल खड़ा हो गया है
गंगा समग्र के जिला संयोजक महेश कुमार प्रजापति अपनी टीम के साथ ग्राम पंचायत इछावर के यमुना नदी किनारे बने स्टोन पीचिंग को देखा कि यह पूरा बह गया है और इसमें बहुत कम मात्रा में बड़े पत्थरों का प्रयोग किया गया है सिर्फ इसमें छोटे-छोटे पत्थरों का प्रयोग किया गया है जिसके वजह से स्टोन पीचिंग में दरार आ गई और बह गया
आगे महेश कुमार प्रजापति ने बताया की जानकारी के अनुसार योजना सिंचाई विभाग के द्वारा करवाया गया है आखिरकार सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिख नहीं की किस प्रकार से यह कार्य किया गया है क्योंकि इसमें सिंचाई विभाग के अधिकारी भी इस कार्य योजना के भ्रष्ट कार्यों में संकलित हैं ऐसे सिंचाई विभाग के अधिकारियों के खिलाफ उचित जांच करवा के कार्रवाई करें जिससे दोबारा ऐसा कोई भ्रष्टाचार मामला ना हो जो नदी से जुड़ा हो और आम जनमानस के लिए खतरा बने
आगे महेश कुमार प्रजापति ने बताया कि इससे पूरे गांव के लिए खतरा है अगर इस साल बाढ़ आती है तो कई लोगों के घर उजड़ जाएंगे और कई करोड़ों का नुकसान भी हो सकता है जिससे भारी समस्याओं का सामना कर करना पड़ सकता है ग्रामीणों को
आखिरकार इतना बड़ा घोटाला बांदा जनपद में कैसे हो गया यह एक सोचने का विषय है इस पर उच्च स्तरीय कमेटी बनाकर जांच करवाई जाए और दोषियों के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जाए