बरेली तहसील फरीदपुर सभागार में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस इस बार एक बड़े भ्रष्टाचार के आरोप को लेकर सुर्खियों में रहा।
एडीएम पूर्णिमा सिंह की अध्यक्षता में हुए इस कार्यक्रम में कुल 54 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें से 5 का मौके पर ही निस्तारण किया गया। हालांकि, एक शिकायत ने पूरे प्रशासनिक तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। ग्राम रियूना कला के एक कोटेदार ने मंच पर पहुंचकर आरोप लगाया कि राशन की दुकान बहाल कराने के नाम पर सहायक राजस्व अधिकारी (ARO) द्वारा उनसे ₹5 लाख की रिश्वत मांगी गई थी। कोटेदार ने बताया कि उन्होंने केसीसी लोन लेकर करीब डेढ़ लाख रुपये ARO को दिए भी थे।
कोटेदार के अनुसार, डेढ़ लाख रुपये देने के बावजूद उनकी दुकान का अनुबंध निरस्त कर दिया गया। जब उन्होंने इसकी शिकायत की, तो ARO ने उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। इस सनसनीखेज आरोप ने समाधान दिवस की कार्यवाही को गरमा दिया।
एडीएम पूर्णिमा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। एसडीएम फरीदपुर रामजन्म यादव ने भी शिकायत पर तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं।
कार्यक्रम में मौजूद तहसीलदार फरीदपुर प्रशांत अवस्थी, ईओ फरीदपुर पुनीत कुमार और वन क्षेत्र अधिकारी ऋषि ठाकुर सहित अन्य अधिकारियों को भी निर्देश दिए गए कि शिकायतों का निस्तारण पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध तरीके से किया जाए। साथ ही यह चेतावनी भी दी गई कि यदि किसी अधिकारी की भूमिका संदिग्ध पाई गई तो सख्त कार्रवाई की जाएगी। समाधान दिवस में राजस्व, पुलिस और विकास विभाग के कई अधिकारी मौजूद थे, लेकिन कोटेदार के इन आरोपों ने प्रशासनिक व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। अब सबकी निगाहें इस मामले की जांच और उसके बाद होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
प्रमोद शर्मा ब्यूरो चीफ बरेली