सिद्धार्थनगर जनपद के इटवा नगर पंचायत क्षेत्र में जल जीवन मिशन के तहत बनाई गई पानी की टंकी को लेकर गंभीर लापरवाही उजागर हुई है। करहिया पुल के समीप निर्मित यह टंकी हाल ही में आई हल्की आंधी और बारिश के बाद ही क्षतिग्रस्त हो गई, जिससे इसकी संरचना कमजोर होकर झुक गई है और अब यह किसी भी समय गिरने की स्थिति में पहुंच चुकी है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, जिस टंकी से क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति होनी थी, वही अब खतरे का कारण बन गई है। मामूली मौसम परिवर्तन में ही ढांचे के क्षतिग्रस्त हो जाने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया, जिसके कारण यह स्थिति उत्पन्न हुई है।
क्षेत्रवासियों ने इस टंकी को “मौत की टंकी” का नाम दे दिया है। उनका कहना है कि टंकी के नीचे और आसपास से रोजाना लोग गुजरते हैं, जिससे हर समय दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। विशेष रूप से बच्चों और राहगीरों के लिए यह टंकी बड़ा खतरा बन चुकी है।
घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। लोग भय के साये में जीने को मजबूर हैं और प्रशासन की ओर से अभी तक कोई ठोस कदम न उठाए जाने से नाराजगी भी बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने इस मामले की सूचना संबंधित अधिकारियों को दे दी है, लेकिन अब तक न तो टंकी को हटाया गया है और न ही उसकी मरम्मत के लिए कोई कार्य शुरू हुआ है।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि इस खतरनाक टंकी को तत्काल हटाया जाए और पूरे मामले की निष्पक्ष व उच्चस्तरीय जांच कराई जाए। साथ ही, यदि निर्माण में किसी प्रकार की अनियमितता या भ्रष्टाचार सामने आता है, तो जिम्मेदार अधिकारियों और ठेकेदारों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।