बांदा जनपद में समाजवादी पार्टी (सपा) के कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने योगी सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर बिगुल फूंका। शहर के प्रमुख अशोक लॉट तिराहे पर एकत्र होकर सपाइयों ने महंगाई, बेरोजगारी, गहराते बिजली संकट और किसानों की बदहाली को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात रहा।
पूर्व राज्यसभा सांसद विशंभर प्रसाद निषाद के नेतृत्व में हुए इस आंदोलन में वक्ताओं ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। सपा नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश में जनता महंगाई और बिजली की भारी कटौती से त्रस्त है। प्रदर्शनकारी “स्मार्ट मीटर” की अनिवार्यता और बढ़ते बिजली बिलों का विरोध कर रहे थे।
महिला सभा की राष्ट्रीय सचिव नीलम गुप्ता ने मीडिया से मुखातिब होते हुए कहा, “आज पूरा बुंदेलखंड पानी और बिजली के लिए तरस रहा है। स्मार्ट मीटर के नाम पर लूट मची है और सरकार जल जीवन मिशन के दावों में पूरी तरह विफल रही है।” सपा ने प्रदेश में बेटियों के साथ बढ़ते अपराध और मणिपुर की घटनाओं का जिक्र करते हुए महिला सुरक्षा पर भी सवाल उठाए।
प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन सुबह से ही मुस्तैद रहा। आंदोलन की तीव्रता को भांपते हुए प्रशासन ने एहतियातन सपा सांसद, विधायक और जिलाध्यक्ष को हाउस अरेस्ट (नज़रबंद) कर दिया, ताकि वे प्रदर्शन स्थल तक न पहुंच सकें। हालांकि, इसके बावजूद कार्यकर्ताओं ने अशोक लॉट पर पहुंचकर अपनी आवाज बुलंद की।
प्रदर्शन के समापन पर सवाई दल ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिला प्रशासन के माध्यम से सौंपा। इस ज्ञापन में मुख्य रूप से निम्नलिखित मांगें उठाई गईं:
बढ़ती महंगाई पर तत्काल लगाम लगाई जाए।
किसानों की समस्याओं का स्थाई समाधान हो।
स्मार्ट मीटर के प्रावधान को रद्द कर बिजली दरों में राहत दी जाए।
बेरोजगारी दूर करने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
सपा नेताओं ने हाल ही में स्मार्ट मीटर को लेकर आए कुछ आदेशों का हवाला देते हुए इसे समाजवादी पार्टी के संघर्ष की जीत करार दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही जनसमस्याओं का निस्तारण नहीं हुआ, तो समाजवादी पार्टी सड़कों पर और भी उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।
मंडल ब्यूरो चीफ ताहिर अली बांदा से