नरेश सोनी ब्यूरो हजारीबाग।
हजारीबाग/रामगढ़:
झारखंड के हजारीबाग लोकसभा क्षेत्र के लिए आज का दिन बेहद दुखद रहा। बेमौसम बारिश के साथ हुए भीषण वज्रपात ने दो अलग-अलग विधानसभा क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है। इस प्राकृतिक आपदा में कुल 37 मूक पशुओं की जान चली गई, जबकि कटकमसांडी प्रखंड में एक व्यक्ति के घायल होने की सूचना है।
घटना का विवरण: कहाँ कितनी हुई क्षति?
प्रकृति का प्रकोप दो प्रमुख क्षेत्रों में देखा गया:
रामगढ़ (गोला प्रखंड): नेमरा गांव में वज्रपात की चपेट में आने से 26 पशुधन की असामयिक मौत हो गई।
हजारीबाग (कटकमसांडी): उलांज गांव में बिजली गिरने से 11 मूक पशुओं (10 बकरियां और 1 गोवंश) की जान चली गई। यहाँ एक व्यक्ति के घायल होने की भी खबर है, जिसका उपचार जारी है।
प्रशासनिक कार्रवाई और मुआवजे की मांग
घटना की गंभीरता को देखते हुए संबंधित जिलों के पशुपालन विभाग को सूचित कर दिया गया है। विभाग की टीम द्वारा प्रभावित क्षेत्रों का निरीक्षण कर जांच रिपोर्ट और पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार की जाएगी।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने रामगढ़ व हजारीबाग जिला प्रशासन से अपील की है कि:
आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से पीड़ित किसान परिवारों को अविलंब उचित मुआवजा दिया जाए।
पशुपालन विभाग कागजी कार्रवाई को सुगम बनाए ताकि गरीब किसानों को आर्थिक राहत मिल सके।
सतर्कता ही बचाव है: खराब मौसम में बरतें सावधानी
प्रशासन ने आम नागरिकों से अपील की है कि खराब मौसम, बारिश या बिजली कड़कने के दौरान सुरक्षित स्थानों पर रहें। वज्रपात के समय पेड़ों, बिजली के खंभों या ऊंचे ढांचों के नीचे शरण लेना जानलेवा हो सकता है। सतर्क रहकर ही ऐसी प्राकृतिक आपदाओं से बचा जा सकता है।