शहजाद आलम जिला संवाददाता
सिद्धार्थनगर।
जिले के भनवापुर विकास खंड क्षेत्र स्थित बुढ़िया टायर गांव में आयोजित श्रीरामलीला कार्यक्रम में रविवार की रात श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी। अयोध्या धाम से पधारे कलाकारों ने भगवान श्रीराम की लीलाओं का ऐसा जीवंत मंचन प्रस्तुत किया कि दर्शक देर रात तक कार्यक्रम में डटे रहे। मंच पर प्रस्तुत रावण-बाणासुर संवाद और धनुष यज्ञ की लीला ने लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान श्रीराम, माता सीता और लक्ष्मण की आरती के साथ हुई। इसके बाद कलाकारों ने मिथिला नगरी में आयोजित सीता स्वयंवर और धनुष यज्ञ की लीला का मनोहारी मंचन किया। राजा जनक के दरबार का दृश्य, राजाओं की उपस्थिति और भगवान शिव के विशाल धनुष को उठाने में असफल हो रहे राजाओं के अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया। जब भगवान श्रीराम ने गुरु विश्वामित्र की आज्ञा से शिव धनुष उठाकर उसका भंजन किया तो पूरा पंडाल जय श्रीराम के नारों से गूंज उठा।
इसके साथ ही रावण और बाणासुर के बीच हुए संवाद का मंचन भी आकर्षण का केंद्र रहा। कलाकारों ने अपने प्रभावशाली अभिनय, दमदार संवाद और पारंपरिक वेशभूषा से दर्शकों को त्रेतायुग की याद दिला दी। रावण के अभिमान और बाणासुर के संवादों को कलाकारों ने इतने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया कि दर्शक तालियां बजाने पर मजबूर हो गए।
कार्यक्रम में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों ने रामलीला का आनंद लिया। पूरे परिसर को आकर्षक रोशनी और रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया था, जिससे धार्मिक वातावरण और भी भव्य दिखाई दे रहा था।
आयोजक समिति के सदस्यों ने बताया कि श्रीरामलीला कार्यक्रम कई दिनों तक चलेगा, जिसमें भगवान श्रीराम के जीवन से जुड़ी विभिन्न लीलाओं का मंचन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक आयोजनों से समाज में नैतिक मूल्यों और संस्कृति के प्रति जागरूकता बढ़ती है। कार्यक्रम के सफल संचालन में समिति के पदाधिकारियों और ग्रामीणों का विशेष सहयोग रहा।