बरेली के फरीदपुर थाने में मंगलवार उस वक्त हड़कंप मच गया जब पुलिस अधीक्षक दक्षिणी अंशिका वर्मा बिना बताए वार्षिक निरीक्षण करने पहुंच गईं।
SP साउथ ने थाने की हर नब्ज टटोली। मालखाना खुला, हवालात की कुंडी खटखटाई, रिकॉर्ड रूम की फाइलें पलटीं, भोजनालय और बैरक की साफ-सफाई भी परखी। एक-एक दस्तावेज़, एक-एक रजिस्टर पर उनकी पैनी नजर थी।
लंबित केसों पर सख्त तेवर
निरीक्षण के दौरान SP ने सबसे ज्यादा जोर लंबित मुकदमों के निस्तारण पर दिया। उन्होंने साफ कहा – _“फाइलें धूल नहीं खानी चाहिए। हर केस का त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण हो। लापरवाही मिली तो कार्रवाई तय है।
पुलिसकर्मियों को हिदायत दी गई कि ड्यूटी में लापरवाही, जनता से बदसलूकी और फरियादियों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं होगी। आमजन से शालीन और संवेदनशील व्यवहार ही पुलिस की पहचान बने।
हथियार खुलवाकर ली परीक्षा
SP साउथ यहीं नहीं रुकीं। उन्होंने थाने के जवानों से खुद वेपन्स खुलवाए और बंधवाए। हथियार चलाने की दक्षता, सफाई और रखरखाव सब चेक किया।
सी टीम की कार्यप्रणाली की भी समीक्षा हुई। सड़क सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को और चुस्त करने के निर्देश दिए गए ताकि हादसों पर लगाम लग सके।
नए सिपाहियों को दिया ‘मंत्र’
निरीक्षण के दौरान नवागत रिक्रूट आरक्षियों से SP ने सीधे संवाद किया। उन्हें बताया कि पुलिस की वर्दी सिर्फ रुतबे के लिए नहीं, जिम्मेदारी के लिए है।
उन्होंने कहा -अनुशासन, ईमानदारी और जनता से बेहतर संवाद ही तुम्हारी असली पहचान बनेगा। संवेदनशीलता के साथ काम करोगे तो लोग खुद तुम्हारी इज्जत करेंगे।
अंत में दिया ये संदेश
निरीक्षण खत्म करते-करते SP ने दो टूक कहा – थाने की साफ-सफाई, अभिलेखों का अपडेट और कार्यालयी व्यवस्था में कोई ढिलाई नहीं चलेगी। अपराध नियंत्रण और जनसुनवाई ही अब प्राथमिकता होगी।
फरीदपुर थाने में SP साउथ के इस औचक निरीक्षण के बाद पुलिसकर्मियों में फुर्ती आ गई है।
प्रमोद शर्मा ब्यूरो बरेली