अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद कौशांबी जिले के कार्यकर्ताओं द्वारा जिले में उत्पन्न शैक्षिक भ्रष्टाचार निजी स्कूलों में मनमानी फीस किताब ड्रेस सहित महंगे फीस पर लगाम लगाने हेतु जिला अधिकारी कार्यालय पर धरना प्रदर्शन किया गया और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया जिसमें जिले भर से कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया जिला संयोजक शिवांशु शुक्ला ने बताया कि
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद दुनिया का सबसे बड़ा छात्र संगठन है जो वर्ष भर छात्र हित और समाज हित के लिए हमेशा संघर्ष करता है
पिछले महीने ABVP द्वारा निजी स्कूलों द्वारा महँगी फीस और किताब कों लेकर आंदोलन किया गया था जिसमे एक महीने का समय बीतने वाला है लेकिन बेसिक शिक्षा अधिकारी द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गाया जिससे समाज में काफ़ी आक्रोश है आज प्रांतीय आवाहन पर जिलाधिकारी के माध्यम से माननीय मुख्यमंत्री जी के नाम हम लोग ज्ञापन सौपेंगे जिसमें कुछ बिंदु आप के सामने है निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाया जाये सिर्फ एक बार ही एडमिशन शुल्क एक बार लिया जाए कई स्कूल lKG के छात्रों का प्रवेश शुल्क 13000 से ज्यादे ले रहे हैं इसकी वापसी करवाई जाये
निजी स्कूलों के लिए प्रशासन द्वारा शुल्क निर्धारित किए जाये और फीस वृद्धि को रोकने के लिए कठोर नियम बनाए जाएं
निजी स्कूल निजी प्रशासन की पुस्तकों को चलते हैं ताकि वे अधिक पैसे कमा सके इसलिए सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तक चलाई जाए
अनुच्छेद 21A के तहत शिक्षा निजी स्कूलों में राइट टू एजुकेशन RTE के अंतर्गत 25% सीटे वंचित, गरीब, असहाय बच्चों के लिए आरक्षित है जिसमें निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है जिसमे ज्यादेतार निजी स्कूल इसका अनुपालन नहीं कर रहे हैं वे गरीब बच्चों के साथ अन्याय कर रहे हैं इसका कड़ाई से अनुपालन करवाया जाये और इसकी जाँच हों और 25% गरीब असहाय बच्चों को उनके अधिकार को दिलवाया जाये
जितने एडेड इंटर कॉलेज हैं उसमे कक्षा 6से 8 तक के बच्चों कों निःशुल्क शिक्षा का प्रावधान है लेकिन ऐसे कई कॉलेजों में अवैध वसूली जैसे मामले सामने आ रहे हैं कृपया ऐसे कॉलेजों को चिन्हित कर उन पर कठोर कार्रवाई की जाये
गैर मान्यता प्राप्त सभी स्कूल बंद हों
यह बेसिक शिक्षा अधिकारी की नाकामी है वे स्कूलों की जाँच में भेद भाव कर रहे हैं जो स्कूल कम पैसो में पढ़ा रहे हैं उनकी जाँच की जा रही है लेकिन जो स्कूल बड़े हैं और अधिक फीस लेने वाले स्कूल से मिली भगत कर रहे हैं उनकी जाँच नहीं की जा रही है
BSA द्वारा सरकार के कई योजनाओं की धज्जियाँ उड़ाई जा रही है
छात्र फीस को लेकर परेशान हैं और BSA साहब कान में तेल डालकर सोये हुवे हैं BSA द्वारा दो तीन स्कूलों की जाँच कर के खाना पूर्ति कर दि गई और स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट दे कर स्कूल प्रबंधन के द्वारा ABVP कों असामाजिक और अराजक कहलवाया गया
BSA के ऊपर भी कार्यवाही किया जाय क्युकी BSA द्वारा निष्पक्ष रूप से जाँच नहीं किया जा रहा है
जब तक छात्रों और उनके अभिभावकों को न्याय नहीं मिलता तब तक यह संघर्ष जारी रहेगा इस दौरान जिला संगठन मंत्री अश्वनी सिंह, प्रांत सह मंत्री शिव बाबू चौधरी, प्रांत एसएफडी संयोजक सुशील सोनकर, सिराथू तहसील संयोजक आनंद सिंह पटेल, पवन भट्ट,मंझनपुर नगर मंत्री दीपक राजपूत,प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव मिश्रा, मंझनपुर तहसील संयोजक वंश केसरवानी, चायल तहसील संयोजक प्रशांत मणि पांडेय सहित भारी संख्या में छात्र एवं विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे