फतेहपुर जनपद के खागा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय अफरा-तफरी में बदल गया, जब एक पीड़ित किसान ने अधिकारियों के सामने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए किसान को किसी तरह रोक लिया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया।
जानकारी के अनुसार खागा तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस उस समय अफरा-तफरी और तनाव के माहौल में बदल गया, जब एक पीड़ित किसान ने अधिकारियों के सामने खुद पर ज्वलनशील पदार्थ डालकर आत्मदाह का प्रयास किया।
मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए किसान को किसी तरह रोका, जिसके बाद वहां मौजूद फरियादियों और अधिकारियों में हड़कंप मच गया।
बताया जा रहा है कि किसान ने लेखपाल और कानूनगो पर गंभीर आरोप लगाते हुए लंबे समय से न्याय न मिलने की बात कही। घटना के दौरान जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक भी मौके पर मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार किसान काफी आक्रोशित और मानसिक रूप से परेशान दिखाई दे रहा था।
यह घटना सिर्फ एक व्यक्ति की नाराजगी नहीं, बल्कि उन किसानों की पीड़ा को भी सामने लाती है, जो अपनी जमीन और राजस्व संबंधी मामलों को लेकर महीनों तक दफ्तरों के चक्कर काटते रहते हैं। समाधान दिवस जैसी व्यवस्थाएं लोगों को त्वरित न्याय दिलाने के उद्देश्य से शुरू की गई थीं, लेकिन जब कोई फरियादी उसी मंच पर आत्महत्या जैसा कदम उठाने की कोशिश करे, तो यह प्रशासनिक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
फिलहाल प्रशासन मामले की जांच की बात कह रहा है। वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि शिकायतों का समय रहते निष्पक्ष समाधान हो, तो शायद किसी किसान को अपनी बात सुनाने के लिए इस तरह जान जोखिम में डालने की नौबत न आए।
इंडियन टीवी न्यूज नेशनल के लिए फतेहपुर से अर्पित अग्निहोत्री की रिपोर्ट