हरियाणा प्रदेश की पहली हॉरर वेबसीरीज़ “ओपरी हवा “थी। इसके निर्देशक रणजीत चौहान हैं। लेकिन दुर्भाग्य की बात यह रही कि इस सीरीज़ को हरियाणा में बहुत कम लोगों ने देखा। इसका सबसे बड़ा कारण यह था कि “ओपरी हवा “की शूटिंग के तुरंत बाद “ओपरी पराई” नाम का दूसरा प्रोजेक्ट भी शूट किया गया, जिसकी फीमेल लीड अंजवी सिंह हुड्डा ही थीं।
लेकिन “ओपरी पराई” का निर्देशन किसी और निर्देशक ने किया था।
कंसेप्ट की बात करें तो “ ओपरी हवा “और “ओपरी पराई” दोनों के टाइटल इतने मिलते-जुलते थे कि ऑडियंस समझ ही नहीं पाई कि कौन-सा प्रोजेक्ट अलग है और कौन-सा ज्यादा बेहतर। यही इस सीरीज़ के कम चर्चित रहने का एक बड़ा कारण बना।
लेकिन तकनीकी रूप से “ओपरी हवा “हरियाणा की बेहद मजबूत वेबसीरीज़ थी। सिनेमैटोग्राफर विकास शर्मा ने हर एक फ्रेम पर शानदार काम किया था। सीरीज़ हॉरर थी, लेकिन स्क्रीन पर भूत कहीं दिखाई नहीं देता। निर्देशक रणजीत चौहान का विज़न ही ऐसा था कि डर माहौल और एहसास से पैदा हो। फिर भी साउंड डिज़ाइन और अंजवी सिंह हुड्डा का होंठों के नीचे धीरे-धीरे दांत दबाना यह एहसास दिला देता था कि इस घर में कुछ अनहोनी हुई है।
एक और खास बात यह थी कि “ओपरी हवा “ऑनर किलिंग पर आधारित थी, लेकिन इसका स्क्रीनप्ले कुछ इस तरह लिखा गया था कि ऑडियंस आख़िर तक असली सच समझ नहीं पाती। फिल्म का साउंड डिज़ाइन नीरज रोहिला ने किया था। साउंड के जरिए ऐसा माहौल बनाया गया कि हर सीन में डर और सस्पेंस महसूस होता था।
शुरुआत में निर्देशक रणजीत चौहान ने मुख्य भूमिका के लिए मुकेश मुसाफिर को फाइनल किया था। लेकिन उसी दौरान मुकेश मुसाफिर को किसी दूसरे प्रोजेक्ट के सिलसिले में शूट के लिए लंदन जाना पड़ा। इसके बाद अचानक निर्देशक ने हरिओम कौशिक को फाइनल किया। हालांकि हरिओम कौशिक ने अपने अभिनय से किरदार को बहुत शानदार तरीके से निभाया। फिल्म का BGM भी धीरे-धीरे कहानी के असली सस्पेंस की तरफ इशारा करता रहता है।
फिल्म की शूटिंग के दौरान सांपला के आसपास के गांवों में लगातार बारिश हो रही थी। शूट रुकने की स्थिति बन गई थी और तीन सीन बाकी थे। लेकिन DOP विकास शर्मा ने रणजीत चौहान से कहा कि शूट नहीं रुकने देंगे। तब उन्होंने एक सीन में सुरेन सरकार के हाथ में छाता दे दिया, जब वह बीमार मनोज राठी से मिलने आता है।
मतलब आप सोच सकते हैं कि किस तरह बारिश जैसी परेशानी के बावजूद उसी माहौल के अनुसार सीन शूट किए गए ताकि शूट अगले दिन पर न जाए और लागत भी न बढ़े। यही वजह है कि मैं अक्सर कहता हूं कि रोहतक में फिल्म बनाने वालों की एक अलग लॉबी है, और उनमें रणजीत चौहान जैसे निर्देशक शामिल हैं, जिन्होंने “ओपरी हवा” बनाकर हरियाणा को उसकी पहली हॉरर वेबसीरीज़ दी।
पुष्पा रानी रिपोर्टर कैंथल