रिपोर्टर कुलदीप नामदेव
बांदा
बांदा के बबेरू में किसानों की समस्याओं को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत ने प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। किसानों ने खरीद केंद्रों पर अवैध वसूली, गेहूं तौल में गड़बड़ी और सड़क सुरक्षा जैसे मुद्दों को लेकर उपजिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। क्या हैं किसानों की मांगें,
बबेरू तहसील परिसर में सोमवार को उस समय किसानों की भीड़ जुट गई, जब भारतीय किसान यूनियन टिकैत के जिला अध्यक्ष अवधेश सिंह पटेल के नेतृत्व में दर्जनों किसान अपनी समस्याओं को लेकर उपजिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। किसानों ने चार सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपते हुए जल्द समाधान की मांग की।
किसानों का आरोप है कि जनपद के खरीद केंद्रों में केंद्र प्रभारी गेहूं तौल के नाम पर अवैध वसूली कर रहे हैं। किसानों से प्रति बोरा एक किलो अतिरिक्त गेहूं और प्रति कुंतल करीब एक किलो दो सौ ग्राम पल्लेदारी के नाम पर जबरन लिया जा रहा है। किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि समय से गेहूं का उठान न होने के कारण कई केंद्रों पर तौल कार्य बंद हो जाता है, जिससे उन्हें एमएसपी का लाभ नहीं मिल पा रहा।बाइट — अवधेश सिंह पटेल / जिला अध्यक्ष भाकियू टिकैत
“किसानों का लगातार शोषण किया जा रहा है। खरीद केंद्रों में खुलेआम अवैध वसूली हो रही है। यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो संगठन बड़ा आंदोलन करेगा।”
ज्ञापन में किसानों ने मुख्य सड़कों के किनारे रखी ईंट, गिट्टी और बालू जैसी निर्माण सामग्री को हटवाने की मांग भी उठाई। किसानों का कहना है कि इससे यातायात बाधित होता है और दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है।
इसके अलावा बबेरू-बिसंडा मार्ग पर ग्राम कोर्रम के पहले मोड़ पर सड़क के ऊपर झुकी पेड़ों की डालियों की छंटाई कराने की मांग भी की गई। किसानों के मुताबिक इन डालियों के कारण आए दिन हादसे की आशंका बनी रहती है।
फिलहाल किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।