राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
जिला पंचायत की संचार संकर्म समिति की बैठक मंगलवार को जिला पंचायत सभाकक्ष में समिति अध्यक्ष अजय गौंटिया की अध्यक्षता में आयोजित हुई। बैठक में लोक निर्माण विभाग, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग, जल विकास निगम शहडोल एवं आदिम जाति कल्याण विभाग द्वारा बीते दो वर्षों में कराए गए निर्माण कार्यों की गहन समीक्षा की गई। बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों में चल रहे विकास कार्यों की गुणवत्ता, समय सीमा एवं जनहित से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
बैठक के दौरान ग्राम बरतरा-बरतरी में बीएसएनएल ठेकेदार द्वारा जल जीवन मिशन की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त किए जाने का मामला भी उठा। सदस्यों ने कलेक्टर आशीष तिवारी द्वारा संबंधित ठेकेदार पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश की सराहना करते हुए इसे जनता के हित में संवेदनशील और सराहनीय कदम बताया। इस दौरान सदन में टेबल थपथपा कर कलेक्टर की प्रशंसा की गई।
अध्यक्ष अजय गौंटिया ने अधिकारियों को निर्देशित करते हुए कहा कि अपूर्ण एवं प्रगतिरत निर्माण कार्यों को तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ पूर्ण कराया जाए। उन्होंने कहा कि कलेक्टर आशीष तिवारी एवं जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर द्वारा जनहित में लिए जा रहे निर्णयों को जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से लागू करने में कोई कमी न छोड़ी जाए। उन्होंने युवा अधिकारियों की कार्यशैली की सराहना करते हुए मैदानी निरीक्षण बढ़ाने और जनता की समस्याओं के समाधान हेतु सक्रिय रहने की नसीहत दी।
“साहेब बहुत दिक्कत है…” ग्रामीणों की पीड़ा बैठक में गूंजी
समीक्षा बैठक में ग्रामीण क्षेत्रों की आंतरिक सड़कों का मुद्दा भी प्रमुखता से उठा। सदस्यों ने कहा कि जल जीवन मिशन के तहत पाइपलाइन बिछाने के दौरान की गई खुदाई से कई गांवों की सड़कें खराब हो गई हैं, जिससे आमजन को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सदस्यों ने अधिकारियों से कहा कि “साहेब बहुत दिक्कत है”, इसलिए क्षतिग्रस्त मार्गों की तत्काल मरम्मत कर उन्हें आवागमन योग्य बनाया जाए।
बैठक में जल जीवन मिशन के अंतर्गत निर्मित पानी की टंकियों की गुणवत्ता पर भी सवाल उठे। सदस्यों ने टंकियों में लीकेज एवं अधूरे कार्यों को शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए तथा गुणवत्ता जांच के लिए जिला स्तरीय समिति गठित करने की मांग रखी।
जिला अधिकारियों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी, सदन ने जताई आपत्ति
बैठक में कई विभागों के जिला अधिकारी स्वयं उपस्थित नहीं होने पर समिति सदस्यों ने नाराजगी व्यक्त की। सदन ने स्पष्ट कहा कि भविष्य में संबंधित विभागों के जिला अधिकारी स्वयं बैठक में उपस्थित रहें। यदि किसी अपरिहार्य कारणवश उपस्थित होना संभव न हो तो अधिकृत प्रतिनिधि को नाम एवं पदनाम सहित पूर्व सूचना देकर भेजा जाए।
बैठक में समिति सदस्य प्रेमलाल केवट, माला मौसी, कविता पंकज राय, रंगलाल पटेल, राजेश हल्दकार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।