सोनभद्र।
जल जीवन मिशन परियोजना के तहत कुछ ग्रामों में बिना वास्तविक पानी पहुंचाए परियोजना को पूर्ण दिखाने के आरोपों ने जिलाधिकारी (DM) के गुस्से का कारण बन गया है। कलेक्ट्रेट सभागार में बृहस्पतिवार को हुई उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि कागजों में जलापूर्ति दर्शाने वाले अधिकारियों व ग्राम स्तर के प्रतिनिधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में डीएम ने निर्देश दिए कि नेमना, झीलो, सीरसोती, करमघट्टी, पिपरहार समेत 14 ग्रामों के “हर घर जल” प्रमाण पत्रों की निष्पक्ष और त्वरित जमीनी जांच कराई जाए। इन्हीं गांवों में पंप हाउसों की स्थिति, पानी की आपूर्ति नेटवर्क और लाभार्थियों तक पानी पहुंचने की वास्तविकता का सत्यापन किया जाएगा।
डीएम ने कहा कि जनता के साथ छल किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पोर्टल पर केवल प्रगति दिखाने से काम नहीं चलेगा ,हर घर तक नियमित और पर्याप्त पानी पहुंचना अनिवार्य है। उन्होंने कहा कि जिन ग्राम प्रधानों, कार्यदायी संस्थाओं और संबंधित अधिकारियों ने योजनाओं को पूरा दिखाकर वास्तविकता से छेड़छाड़ की है, उनकी जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक कानूनी व प्रशासकीय कार्रवाई की जाएगी।
जिलाधिकारी ने अधिशासी अभियंता जल निगम (ग्रामीण) को तत्काल इन ग्रामों की विस्तृत जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए। साथ ही 464 ग्रामों में जलापूर्ति की जमीनी हकीकत का सर्वे कराने का भी आदेश जारी किया गया ताकि पूरे जिले में परियोजना की सच्ची स्थिति सामने आ सके।
बैठक में डीएम ने पंप हाउसों में लो-वोल्टेज, बिजली बाधित होने तथा विद्युत आपूर्ति की अनियमितता पर भी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने कहा कि बिजली संबंधी दिक्कतों को जल्द से जल्द दूर किया जाए ताकि पानी की लगातार सप्लाई बनी रहे। संबंधित विभागों को स्थिति ठीक करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए।
स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि जांच में यदि प्रमाण मिले तो संबंधित ग्राम प्रधान, ठेकेदार और विभागीय अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई, धन वसूली और आवश्यक होने पर पुलिस रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी। जांच के दौरान लाभार्थियों से सीधे फीडबैक और पानी की आपूर्ति के लिए मापदण्ड (नियमित तालिकाएँ, दबाव माप आदि) भी खंगाले जाएंगे।
इस मामले पर जिला प्रशासन ने कहा कि पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए हर स्तर पर निगरानी तेज की जाएगी और जनता को सशक्त करने हेतु शिकायत निवारण तंत्र सक्रिय रखा जाएगा।