राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
जल संकट से निपटने और प्राकृतिक जल स्रोतों को पुनर्जीवित करने के उद्देश्य से नगर पालिक निगम कटनी द्वारा चलाया जा रहा “जल गंगा संवर्धन अभियान” अब शहर में बड़ा जनअभियान बनता जा रहा है। नदी-घाटों की सफाई से लेकर सोकपिट निर्माण और सार्वजनिक कुओं के जीर्णोद्धार तक, निगम प्रशासन युद्ध स्तर पर कार्य कर रहा है। इन प्रयासों से न केवल जल संरक्षण को मजबूती मिल रही है, बल्कि भू-जल स्तर सुधारने की दिशा में भी सकारात्मक संकेत मिलने लगे हैं।
अभियान के तहत प्रयागराज से लाई गई ट्रेश क्लीनर मशीन और पोकलेन मशीन की मदद से कटाएघाट, मसुरहा घाट और गाटरघाट क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर नदी सफाई अभियान चलाया गया। घाटों और नदी से जलकुंभी, गाद और कचरे को हटाकर जल प्रवाह को सुचारू बनाया जा रहा है। अधिकांश क्षेत्रों की सफाई पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी हिस्सों में तेजी से कार्य जारी है।
नगर निगम के कार्यपालन यंत्री सुधीर मिश्रा ने बताया कि अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर भू-जल स्तर बढ़ाना और भविष्य में संभावित जल संकट से प्रभावी ढंग से निपटना है। उन्होंने कहा कि नदी, तालाब और कुओं की सफाई, सोकपिट निर्माण तथा पेयजल पाइपलाइनों की मरम्मत जैसे कार्य आने वाले समय में जल समस्या से राहत दिलाने में अहम साबित होंगे।
मोहन घाट में शुरू हुई विशेष सफाई
अभियान के तहत शुक्रवार से मोहन घाट में भी जलकुंभी हटाने और सफाई का कार्य प्रारंभ कर दिया गया है। फिलहाल श्रमिकों के माध्यम से प्रारंभिक सफाई की जा रही है। गाटर घाट से मदन मोहन चौबे वार्ड स्थित कर्बला क्षेत्र तक शेष सफाई कार्य पूरा होने के बाद मशीनों के जरिए मोहन घाट में व्यापक अभियान चलाया जाएगा।
83 से अधिक सोकपिट तैयार
जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए नगर के विभिन्न वार्डों में हैंडपंपों के पास लगभग 100 सोकपिट बनाने का लक्ष्य रखा गया था। इनमें से अब तक 83 से अधिक सोकपिट तैयार किए जा चुके हैं। इन सोकपिटों के माध्यम से व्यर्थ बहने वाले पानी को जमीन में समाहित कर भू-जल रिचार्ज किया जा रहा है।
48 सार्वजनिक कुओं का हुआ जीर्णोद्धार
नगर के विभिन्न इलाकों में स्थित 48 सार्वजनिक कुओं की साफ-सफाई और मरम्मत का कार्य भी पूरा कर लिया गया है। इससे बारिश के दौरान जल संचयन क्षमता बढ़ेगी और नागरिकों को जल उपलब्धता में सुविधा मिलेगी।
25 प्याऊ से मिल रहा शुद्ध पेयजल
नगर निगम और समाजसेवी संस्थाओं के सहयोग से शहर के प्रमुख मार्गों और सार्वजनिक स्थानों पर 25 प्याऊ संचालित किए जा रहे हैं। यहां राहगीरों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा रहा है, साथ ही जल संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाई जा रही है।
जल अपव्यय रोकने के लिए लगातार कार्रवाई
नगर निगम द्वारा अब तक 33 पानी की टंकियों, ओवरहेड टैंकों और संपवेल की सफाई कराई जा चुकी है। इसके अलावा 243 ट्यूबवेलों का सुधार और करीब 1,649 पेयजल लीकेजों का निराकरण कर जल अपव्यय रोकने की दिशा में प्रभावी कदम उठाए गए हैं।
नगर निगम का “जल गंगा संवर्धन अभियान” अब केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि शहर के भविष्य को सुरक्षित करने की मजबूत पहल बनता जा रहा है। आने वाले समय में यह अभियान कटनी को जल संरक्षण के क्षेत्र में नई पहचान दिला सकता है।