नरेश सोनी ब्यूरो हजारीबाग।
बड़कागांव (हजारीबाग)
आगामी ईद-उल-अज़हा (बकरीद) पर्व 2026 को पूरी तरह शांतिपूर्ण, सुरक्षित और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से हजारीबाग पुलिस ने अपनी कमर कस ली है। पुलिस अधीक्षक (SP) हजारीबाग के दिशा-निर्देशानुसार, जिले के संवेदनशील माने जाने वाले बड़कागांव थाना क्षेत्र के व्यस्ततम बड़कागांव चौक पर हजारीबाग पुलिस द्वारा एक हाई-लेवल मॉक ड्रिल (Mock Drill) का आयोजन किया गया। इस विशेष अभियान के जरिए पुलिस ने आम जनता को यह कड़ा और आश्वस्त करने वाला संदेश दिया कि किसी भी आपात स्थिति या उपद्रवियों से निपटने के लिए बल पूरी तरह तैयार है।
इस मॉक ड्रिल का ऑन-ग्राउंड नेतृत्व बड़कागांव के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अमित आनंद (IPS) ने किया। मौके पर बड़कागांव के पुलिस निरीक्षक (इंस्पेक्टर), परिचरी प्रवर कुमार देवव्रत और बड़कागांव थाना प्रभारी सहित भारी संख्या में पुलिस बल के जवान और दंगा नियंत्रण से जुड़े आधुनिक उपकरणों के साथ पुलिस टीम मौजूद रही। ड्रिल के दौरान विपरीत परिस्थितियों में उपद्रवियों को नियंत्रित करने और भीड़ को तितर-बितर करने की रणनीतियों का सजीव अभ्यास किया गया।
24×7 अलर्ट पर हजारीबाग पुलिस, नागरिकों से शांति की अपील
पुलिस प्रशासन ने इस सुरक्षा अभ्यास के माध्यम से स्पष्ट किया है कि बकरीद पर्व को शांतिपूर्ण और आपसी भाईचारे के साथ संपन्न कराने के लिए हजारीबाग पुलिस २४ घंटे (24×7) मुस्तैद है। एसडीपीओ अमित आनंद और थाना प्रभारी ने संयुक्त रूप से आम जनता से यह पुरजोर अपील की है कि वे इस पवित्र त्योहार को पूरी तरह से सौहार्दपूर्ण और पारंपरिक गरिमा के साथ मनाएं तथा किसी भी प्रशासनिक व्यवस्था में पुलिस का सहयोग करें।
सोशल मीडिया पर पैनी नजर: भ्रामक मैसेज दिखने पर तुरंत करें शिकायत
फेक न्यूज़ और अफवाहों के जरिए माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ पुलिस अधीक्षक, हजारीबाग के कार्यालय से बेहद सख्त हिदायत जारी की गई है:
अफवाहों पर रोक: यदि जिले में किसी भी व्यक्ति को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे व्हाट्सएप (WhatsApp), फेसबुक (Facebook), इंस्टाग्राम (Instagram) या यूट्यूब (YouTube) पर किसी भी प्रकार का भ्रामक, सांप्रदायिक या आपत्तिजनक संदेश प्राप्त होता है, तो उसे आगे फॉरवर्ड करने के बजाय तुरंत अपने नजदीकी थाने को सूचित करें।
त्वरित कार्रवाई: पुलिस प्रशासन ने भरोसा दिलाया है कि आम जनता से मिलने वाली ऐसी किसी भी गुप्त सूचना का तत्काल सत्यापन किया जाएगा और माहौल खराब करने वाले तत्वों के खिलाफ बिना कोई समय गंवाए अभिलंब कड़ी कानूनी और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
इस मॉक ड्रिल के बाद बड़कागांव चौक और आसपास के इलाकों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय नागरिकों के बीच विश्वास का माहौल देखा जा रहा है।
शीर्षक: सुरक्षा का प्रदर्शन और नागरिक मुस्तैदी का समन्वय
त्योहारों के ऐन वक्त पर पुलिस द्वारा सार्वजनिक स्थलों पर मॉक ड्रिल का आयोजन केवल सुरक्षा बलों की शारीरिक तैयारियों की समीक्षा नहीं है, बल्कि यह आम नागरिकों के भीतर सुरक्षा का भाव पैदा करने की एक मनोवैज्ञानिक प्रशासनिक कवायद भी है। बड़कागांव जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में आईपीएस अधिकारी अमित आनंद के नेतृत्व में पुलिस का सड़क पर उतरना यह साफ जाहिर करता है कि जिला पुलिस कानून व्यवस्था को लेकर कितनी गंभीर है। आज के डिजिटल युग में दंगों और तनाव की जमीन जितनी सड़कों पर तैयार होती है, उससे कहीं अधिक सोशल मीडिया के बंद कमरों में अफवाहों के जरिए बोई जाती है। ऐसे में हजारीबाग पुलिस द्वारा व्हाट्सएप और फेसबुक जैसे माध्यमों पर पैनी नजर रखने की चेतावनी देना और जनता से सीधे संवाद कायम करना सबसे सटीक कदम है। जब तक आम नागरिक जागरूक होकर ऐसी किसी भी भ्रामक सूचना की चेन को तोड़ने में पुलिस का साथ नहीं देंगे, तब तक उपद्रवियों के मंसूबों को नाकाम करना मुमकिन नहीं होगा। त्योहारों की खुशियां तभी बरकरार रह सकती हैं जब पुलिस की मुस्तैदी और जनता की जिम्मेदारी एक साथ मिलकर काम करें।