नरेश सोनी ब्यूरो हजारीबाग।
हजारीबाग
जिले में पर्यटन की असीम संभावनाओं को धरातल पर उतारने और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार व स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करने के उद्देश्य से छड़वा डैम को एक बड़े पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की प्रशासनिक कवायद तेज हो गई है। इसी सिलसिले में शनिवार को हजारीबाग के उपायुक्त (DC) हेमन्त सती ने पूरी प्रशासनिक टीम के साथ छड़वा डैम परिसर का सघन दौरा किया और वहाँ होने वाले प्रस्तावित विकास कार्यों का स्थल निरीक्षण किया।
डैम परिसर के इस महत्वपूर्ण निरीक्षण के दौरान उपायुक्त के साथ उप विकास आयुक्त (DDC) रिया सिंह, नगर आयुक्त ओम प्रकाश गुप्ता, सदर अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) आदित्य पांडेय तथा जिला योजना पदाधिकारी पंकज कुमार तिवारी मुख्य रूप से उपस्थित थे।
बोटिंग सुविधा, पार्क और पार्किंग स्थल का खाका तैयार
उपायुक्त हेमंत सती ने संपूर्ण डैम परिसर का पैदल भ्रमण करते हुए पर्यटकों को आकर्षित करने वाली विभिन्न बुनियादी सुविधाओं की कार्ययोजना को परखा। इस दौरान मुख्य रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर अधिकारियों के साथ विमर्श और स्थल चयन किया गया:
मनोरंजन व सुविधाएं: डैम में पर्यटकों के लिए प्रस्तावित बोटिंग (नौका विहार) सुविधा, आधुनिक पार्क निर्माण स्थल, एक भव्य बहुउद्देशीय भवन (Multipurpose Building) और सुव्यवस्थित पार्किंग स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया गया।
त्वरित कार्यरूप देने का निर्देश: उपायुक्त ने मौके पर मौजूद योजना और नगर निगम के अधिकारियों को इन सभी विकास कार्यों की एक विस्तृत और त्रुटिहीन रूपरेखा (Blue Print) जल्द से जल्द तैयार कर धरातल पर उतारने का निर्देश दिया।
क्षतिग्रस्त गेट की सुरक्षा होगी मजबूत, बनेगा प्राक्कलन
निरीक्षण के दौरान छड़वा डैम की सुरक्षा और उसकी संरचनात्मक मजबूती को लेकर भी उपायुक्त काफी गंभीर दिखे। उन्होंने मौके पर ही नगर आयुक्त श्री ओम प्रकाश गुप्ता को डैम के क्षतिग्रस्त हो चुके गेट के पुनर्निर्माण और मरम्मत के लिए अविलंब प्राक्कलन (Estimate) तैयार करने का कड़ा निर्देश दिया, ताकि भविष्य में यहाँ आने वाले पर्यटकों और स्थानीय संरचना को कोई खतरा न हो।
दौरे के अंत में मीडिया से बात करते हुए उपायुक्त ने कहा कि छड़वा डैम को एक सुव्यवस्थित पर्यटन स्थल के रूप में अधिसूचित किया जा चुका है। इसके पूर्ण विकास से न केवल हजारीबाग जिले की पर्यटन प्रोफाइल मजबूत होगी, बल्कि आसपास के ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों के लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने के लिए रोजगार के व्यापक अवसर मिलेंगे।
शीर्षक: छड़वा डैम का कायाकल्प और हजारीबाग में ग्रीन टूरिज्म की राह
हजारीबाग अपनी प्राकृतिक खूबसूरती, जंगलों और जलाशयों के लिए जाना जाता है, लेकिन ढांचागत सुविधाओं के अभाव में कई बेहतरीन स्थल केवल स्थानीय पिकनिक स्पॉट बनकर रह गए हैं। ऐसे में जिला प्रशासन द्वारा छड़वा डैम को एक औपचारिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने के लिए आगे बढ़ना एक दूरदर्शी सोच को दर्शाता है। बोटिंग, पार्क और बहुउद्देशीय भवन जैसी सुविधाएं न केवल हजारीबाग बल्कि पड़ोसी जिलों के पर्यटकों को भी यहाँ खींचकर लाएंगी। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस तरह के प्रोजेक्ट सीधे तौर पर स्थानीय आबादी के लिए रोजगार की खिड़कियां खोलते हैं—चाहे वह गाइड के रूप में हो, बोट संचालन में हो या छोटे-छोटे स्टॉल्स के जरिए
हालांकि, किसी भी जलस्रोत को पर्यटन स्थल में बदलते समय प्रशासन को दो बेहद गंभीर चुनौतियों पर ध्यान देना होगा—पहली ‘सुरक्षा’ और दूसरी ‘पारिस्थितिकी संतुलन’ (Ecology)। छड़वा डैम का क्षतिग्रस्त गेट इस बात का गवाह है कि बुनियादी ढांचे के रखरखाव में ढिलाई कितनी खतरनाक हो सकती है, इसलिए डीसी द्वारा प्राक्कलन का निर्देश बिल्कुल सही समय पर लिया गया कदम है। इसके अलावा, भविष्य में यहाँ पर्यटकों की आमद बढ़ने के साथ प्लास्टिक कचरे और जल प्रदूषण को रोकने के लिए नगर निगम को पहले दिन से ही सख्त नियम बनाने होंगे। यदि सुरक्षा, स्वच्छता और सौंदर्य का यह तालमेल सही रहा, तो छड़वा डैम हजारीबाग के आर्थिक और सामाजिक मानचित्र पर एक नया चमकता हुआ सितारा बनेगा।