रिपोर्ट अजय सिंह तोमर
मुरैना
जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगादशमी पर्व के अवसर पर इंदिरा सरोवर बड़ोखर, मुरैना में भव्य कार्यक्रम एवं कलश यात्रा का आयोजन किया गया। इस अवसर पर प्रदेश के किसान कल्याण एवं कृषि विकास मंत्री ऐदल सिंह कंषाना ने सभा को संबोधित करते हुए कहा कि मध्यप्रदेश सरकार द्वारा संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान का मुख्य उद्देश्य जिले एवं आसपास के सभी जल स्रोतों का संरक्षण, संवर्धन एवं पुनरुद्धार करना है। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को सभी गंभीरता से लें तथा अज्ञानतावश जल का दुरुपयोग न करें, क्योंकि जल की उपलब्धता सीमित है।
कार्यक्रम में महापौर शारदा सोलंकी, जिला पंचायत अध्यक्ष आरती गुर्जर, कलेक्टर लोकेश कुमार जांगिड़, सीईओ जिला पंचायत कमलेश कुमार भार्गव, आयुक्त नगर निगम सत्येन्द्र धाकरे, गणमान्य नागरिक, पार्षद, स्व-सहायता समूह की महिलाएं एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य लोगों में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता लाना तथा पानी के दुरुपयोग को कम करना है। उन्होंने सभी नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक व्यक्ति यह संकल्प ले कि आवश्यकता अनुसार ही जल का उपयोग करेगा तथा पानी की एक-एक बूंद को बचाने का प्रयास करेगा।
उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन के साथ-साथ योजनाओं के सफल क्रियान्वयन में जनता की भी महत्वपूर्ण भूमिका होती है। प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री की जनहितकारी योजनाओं को सफल बनाने के लिए जनप्रतिनिधियों और आमजन के सहयोग की आवश्यकता है। उन्होंने सभी जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया कि वे अपने क्षेत्र की बैठकों एवं कार्यक्रमों में लोगों को जल संरक्षण की महत्ता के प्रति जागरूक करें।
कृषि मंत्री कंषाना ने कहा कि “जल ही जीवन है और जल से ही हमारा कल सुरक्षित है।” उन्होंने सभी नागरिकों से जल बचाने एवं जल स्रोतों के संरक्षण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की।
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान का उद्देश्य आसपास के सभी जल स्रोतों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं संरक्षित बनाना तथा उनका पुनरुत्थान करना है। साथ ही उन्होंने सभी लोगों से इस अभियान को जनआंदोलन बनाकर सफल बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के उपलक्ष्य में इंदिरा सरोवर बड़ोखर, मुरैना से भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों एवं बड़ी संख्या में आमजन ने सहभागिता कर जल संरक्षण का संदेश दिया।