अकरम खान पटेल की रिपोर्ट
बैतूल।
प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस जेएच कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) द्वारा जल गंगा संवर्धन अभियान के अंतर्गत गंगा दशहरा पर्व के शुभ अवसर पर मां माचना नदी के तट पर स्वच्छता अभियान का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य नदी तट को स्वच्छ, निर्मल एवं प्रदूषण मुक्त बनाना तथा जल संरक्षण के प्रति जनजागरूकता करना था। कार्यक्रम अधिकारी प्रो.शंकर सातनकर के नेतृत्व में एनएसएस के स्वयंसेवकों ने मां माचना नदी के तट पर साफ-सफाई करते हुए पॉलिथीन एवं अन्य अपशिष्ट पदार्थों को एकत्रित किया। इस अवसर पर स्वयंसेवकों ने जल को स्वच्छ रखने एवं सीमित मात्रा में उपयोग करने की शपथ भी ली। इस मौके पर जिला संगठन एनएसएस डॉ.जीपी साहू ने कहा कि जल संरक्षण वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। यदि हम आज जल स्रोतों की रक्षा नहीं करेंगे तो आने वाली पीढिय़ों को गंभीर संकट का सामना करना पड़ेगा। वाणिज्य विभागाध्यक्ष डॉ.राजेश शेषकर ने कहा कि नदियां हमारी संस्कृति और जीवन का आधार हैं। मां माचना जैसे पावन जल स्रोतों को स्वच्छ रखना प्रत्येक नागरिक का नैतिक दायित्व है। छोटी-छोटी जागरूक पहल बड़े परिवर्तन का आधार बनती हैं। कार्यक्रम अधिकारी प्रोफेसर शंकर सातनकर ने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान केवल स्वच्छता का कार्यक्रम नहीं बल्कि प्रकृति संरक्षण का जनआंदोलन है। इस कार्यक्रम में एनएसएस के स्वयंसेवकों में नितिन पवार, नवीन उइके, गजेंद्र मर्सकोले, अमित घिड़ोड़ेे, प्रिया ओमकार, पूजा वानखेड़े, दिव्या वानखेड़े, योगिता, विक्रम पहाड़े, भुवनेश्वरी आहाके, भावना, दुर्गेश उइके सहित बड़ी संख्या में महाविद्यालय के छात्र-छात्राओं ने सहभागिता की।