उरई(जालौन):
(अनिल कुमार ओझा/ITN news)
विकासखंड डकोर के ग्राम कुसमिलिया में 25 मई की शाम अचानक लगी भीषण आग ने कुछ ही पलों में कई परिवारों की जिंदगी को झकझोर दिया। आग की तेज लपटों ने 17 परिवारों के कच्चे मकानों, छप्परों, कपड़ों और घरेलू सामान को अपनी चपेट में ले लिया। गांव में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल था, लेकिन संकट की इस घड़ी में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर जिला प्रशासन तुरंत राहत बनकर पीड़ितों के बीच पहुंच गया।
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय देर शाम स्वयं गांव पहुंचे और प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनका हाल जाना। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राहत कार्यों में किसी प्रकार की देरी न हो और हर प्रभावित परिवार तक तत्काल सहायता पहुंचाई जाए। प्रशासन द्वारा मौके पर राहत सामग्री वितरित कर भोजन एवं पीने के पानी की व्यवस्था कराई गई। प्रभावित परिवारों के लिए लंगर संचालित कराया गया ताकि कोई भी परिवार भूखा न रहे। दैवीय आपदा राहत मद से प्रभावित परिवारों के खातों में तत्काल सहायता धनराशि स्वीकृत कर दी गई है। साथ ही सभी प्रभावित परिवारों को माननीय मुख्यमंत्री आवास योजना के अंतर्गत सभी के आवास भी स्वीकृत किए गए हैं, जिससे उनके उजड़े आशियानों को दोबारा बसाया जा सके। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है कि आपदा की घड़ी में हर पीड़ित परिवार को तत्काल राहत और सम्मानजनक पुनर्वास मिले। उन्होंने कहा कि प्रशासन केवल आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रभावित परिवारों को पुनः सामान्य जीवन से जोड़ने तक हर संभव मदद उपलब्ध कराई जाएगी। गांव में प्रशासन की त्वरित कार्यवाही और संवेदनशीलता को देखकर ग्रामीणों ने भी राहत की सांस ली। संकट की इस घड़ी में सरकार और प्रशासन द्वारा दिखाई गई तत्परता ने पीड़ित परिवारों को यह भरोसा दिया कि वे अकेले नहीं हैं।