राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
जिला मुख्यालय स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई कार्यक्रम में कलेक्टर आशीष तिवारी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे 158 नागरिकों की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। जनसुनवाई के दौरान प्राप्त आवेदनों पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए।
कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ हरसिमरनप्रीत कौर, अपर कलेक्टर नीलांबर मिश्रा, सहायक कलेक्टर श्लोक वाइकर, संयुक्त कलेक्टर जितेन्द्र पटेल, डिप्टी कलेक्टर विंकी सिंहमारे उइके सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
जनसुनवाई में कैमोर क्षेत्र के खलवारा बाजार निवासी पुनीत केवट ने साइबर ठगी का मामला उठाते हुए बताया कि उनके बैंक खातों और एयरटेल पेमेंट बैंक खाते से बिना किसी ओटीपी या पासवर्ड साझा किए 2 लाख 24 हजार रुपये की अवैध निकासी कर ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने पुलिस अधीक्षक को तत्काल जांच कर दोषियों के विरुद्ध आवश्यक कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
वहीं स्लीमनाबाद तहसील के 64 वर्षीय बुजुर्ग मेलचन्द्र साहू ने वृद्धावस्था पेंशन शुरू कराने के लिए आवेदन प्रस्तुत किया। कलेक्टर ने जनपद पंचायत ढीमरखेड़ा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी को पात्रता के आधार पर शीघ्र कार्रवाई करने के निर्देश दिए।
ग्राम कौड़िया के ग्रामीणों ने सामूहिक आवेदन सौंपते हुए आरोप लगाया कि वे पिछले दो दशकों से शासकीय भूमि पर खेती कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे हैं, लेकिन कुछ दबंग तत्व उन्हें भूमि से बेदखल करने की धमकियां दे रहे हैं। इस शिकायत पर कलेक्टर ने तहसीलदार स्लीमनाबाद को जांच कर निर्धारित समय सीमा में उचित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
इसी क्रम में ग्राम पंचायत पडरभटा निवासी सुखदेव डुमार ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करते हुए बताया कि वर्ष 2024 की बारिश में उनका कच्चा मकान जर्जर हो गया था और अब कभी भी गिर सकता है। आर्थिक रूप से कमजोर होने के कारण नया मकान बनवा पाना उनके लिए संभव नहीं है। इस पर कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ को पात्रता अनुसार प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
जनसुनवाई के दौरान राजस्व, सामाजिक न्याय, ग्रामीण विकास, आवास, पेयजल, विद्युत तथा अन्य विभागों से संबंधित विभिन्न शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनके निराकरण के लिए संबंधित अधिकारियों को समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।