सहारनपुर- नागल के बढेडी में
आर्य समाज बढ़ेडी नागल के तत्वावधान में चल रहे आर्य वीरांगना शिविर के पांचवें दिन यज्ञ उपरांत आचार्य कर्मवीर ने शिविरार्थी वीरांगनाओं को यज्ञ के वैज्ञानिक महत्व व षोडश संस्कारों के विषय में जानकारी दी। उन्होंने संस्कार विधि ग्रंथ के आधार पर जातकर्म संस्कार के मंत्र की व्याख्या करते हुए बताया कि किस प्रकार वैदिक संस्कार मानव जीवन को श्रेष्ठ बनाते हैं। इसके उपरांत बौद्धिक सत्र में मुख्य वक्ता डॉ. आयुषी राणा भारती ने बेटियों को सम्बोधित करते हुए रानी लक्ष्मीबाई, दुर्गावती, पद्मिनी जैसी महान वीरांगनाओं के जीवन चरित्र से प्रेरणा लेने का आह्वान किया। डॉ. आयुषी ने बेटियों को विधर्मियों द्वारा रचे जा रहे लव-जिहाद जैसे षड्यंत्रों के प्रति सजग व सावधान रहने की अपील की व आत्मरक्षा के गुर सिखाए।
इस दौरान सविता, रीता, नवीन, विकास, ओमवीर, राजवीर, मुकेश, हरस्वरी, केशव, लक्ष्य, वैदिक, सिद्धांत, महेश, डॉ. सुरेन्द्र, अमरीश त्यागी, अजब सिंह आदि
रमेश सैनी सहारनपुर इंडियन टीवी न्यूज़