किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
दुर्ग।
प्रस्तावित ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर परियोजना को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। परियोजना के लिए चिन्हित दुर्ग, पाटन और भिलाई क्षेत्र के 25 गांवों में भूमि की खरीदी-बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध लगा दिया गया है।
प्रशासन के अनुसार, यह प्रतिबंध भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने और अटकलों के आधार पर होने वाली खरीद-फरोख्त तथा बिचौलियों की गतिविधियों पर रोक लगाने के उद्देश्य से लगाया गया है।
प्रतिबंधित क्षेत्रों में बिना सक्षम प्राधिकारी की अनुमति के भूमि का पंजीयन और हस्तांतरण नहीं किया जा सकेगा।
ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर एक महत्वपूर्ण रेल माल परिवहन परियोजना है, जिसके निर्माण से औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और माल परिवहन तेज एवं सुगम होगा।
परियोजना के लिए आवश्यक भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू होने से पहले प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
प्रशासन ने प्रभावित गांवों के किसानों और भू-स्वामियों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार के भूमि सौदे से पहले संबंधित राजस्व अधिकारियों से जानकारी प्राप्त करें और अफवाहों पर ध्यान न दें।
परियोजना से जुड़े आगे के दिशा-निर्देश और मुआवजा प्रक्रिया शासन द्वारा निर्धारित नियमों के अनुसार लागू की जाएगी।