किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
छत्तीसगढ़ के जगदलपुर केंद्रीय जेल में महज 10 दिनों के भीतर तीन कैदियों की मौत होने से जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली, स्वास्थ्य सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
लगातार सामने आई इन घटनाओं ने बंदियों की निगरानी और समय पर चिकित्सा उपलब्ध कराने की व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
क्या है ताजा मामला?
दुष्कर्म के मामले में विचाराधीन कैदी सुंदु (सुधु) कश्यप की तबीयत बिगड़ने पर उसे मेडिकल कॉलेज डिमरापाल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
इससे पहले भी एक महिला कैदी ने जेल परिसर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी, जबकि एक अन्य कैदी की भी मौत हुई थी
उठ रहे हैं ये सवाल
क्या जेल में स्वास्थ्य निगरानी व्यवस्था पर्याप्त है?
गंभीर रूप से बीमार बंदियों को समय पर इलाज मिल रहा है या नहीं?
मानसिक स्वास्थ्य और सुरक्षा व्यवस्था कितनी प्रभावी है?
लगातार मौतों के बावजूद प्रशासनिक स्तर पर क्या सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं?
जांच की मांग तेज
लगातार तीन मौतों के बाद विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक वर्गों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच तथा जेल की सुरक्षा एवं स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की मांग की है। प्रशासन ने संबंधित मामलों में कानूनी प्रक्रिया और जांच शुरू होने की जानकारी दी है।