पत्रकार राजेन्द्र प्रसाद यादव
चिचोली (बैतुल)।
नगरीय मुख्यालय चिचोली में जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा अपने दायित्वों के प्रति लापरवाही बरतने का एक गंभीर मामला सामने आया है। हालात यह हैं कि बिना किसी पूर्व सूचना या आधिकारिक अवकाश के ही अधिकारी मुख्यालय छोड़कर गायब हो रहे हैं, जिससे शासकीय कार्य पूरी तरह ठप पड़ गए हैं।
तीन दिनों से दफ्तर नहीं आ रहे बीईओ
प्राप्त जानकारी के अनुसार, चिचोली के विकासखंड शिक्षा अधिकारी बीईओ ज्वाला प्रसाद प्रजापति पिछले तीन दिनों से अपने मुख्यालय पर उपस्थित नहीं हैं। जब इस संबंध में कार्यालय में पूछताछ की जाती है, तो वहां मौजूद स्टाफ द्वारा एक ही रटा-रटाया जवाब मिलता है कि “साहब किसी काम से बैतूल गए हुए हैं।” बिना अवकाश स्वीकृत कराए इस तरह मुख्यालय से नदारद रहने के कारण पूरे शिक्षा विभाग की व्यवस्थाएं पूरी तरह चरमरा गई हैं।
पेंशनर्स काट रहे दफ्तर के चक्कर, नहीं हो रही सुनवाई
अधिकारी की इस अनधिकृत अनुपस्थिति का सबसे बुरा असर बुजुर्ग पेंशनर्स पर पड़ रहा है। अपने जरूरी कार्यों, पेंशन संबंधी समस्याओं और दस्तावेजों के सत्यापन के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों से आ रहे वृद्ध पेंशनर्स पिछले तीन दिनों से कार्यालय के चक्कर काटने को मजबूर हैं। कड़कती धूप और गर्मी में परेशान हो रहे इन बुजुर्गों की सुध लेने वाला कार्यालय में कोई जिम्मेदार मौजूद नहीं है।
अधिकारी ने नहीं उठाया फोन
इस पूरे मामले में जब वास्तविकता जानने और उनका पक्ष लेने के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी ज्वाला प्रसाद प्रजापति से उनके मोबाइल नंबर पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव करना भी मुनासिब नहीं समझा। अधिकारी का यह रवैया क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अब देखना यह होगा कि इस पूरे मामले को संज्ञान में लेकर जनजातीय कार्य विभाग के सहायक आयुक्त (AC) इस गंभीर लापरवाही पर क्या कार्रवाई करते हैं और चिचोली विकासखंड शिक्षा कार्यालय की बिगड़ी हुई व्यवस्था को सुधारने के लिए क्या कदम उठाते हैं।