बरेली तहसील रिपोर्ट – शुभम चौबे
महाराजा अग्रसेन शिक्षा समिति (रजि.) बरेली द्वारा संचालित महाराजा अग्रसेन महाविद्यालय के आन्तरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ एवं महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विष्वविद्यालय द्वारा बैक आफ बडौदा के सहयोग से दिनांक 10 एवं 11 जून 2026 ब्रेन बियोन्ड बाउन्ड्रीजः इंटीग्रेटिंग साइन्स, एजुकेशन एण्ड टैक्नोलाॅजी” दो दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया जा रहा हैं।
सम्मेलन का शुभारम्भ मुख्य अतिथि प्रो. के.पी. सिंह, (कुलपति, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली), विशिष्ट अतिथि डाॅ. सन्दीप सरन (कार्यवाहक निदेशक सी.ए.आर.आई. बरेली), विषय विशेषज्ञ प्रो. संतोष अरोड़ा (डीन एवं विभागाध्यक्षा, शिक्षा संकाय विभाग, महात्मा ज्योतिबा फुले रूहेलखण्ड विश्वविद्यालय, बरेली), विषय विषेषज्ञ डाॅ. योगेश कुमार (ए. आर. एस. डी. काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय), डाॅ. ए. के. मिश्रा पूर्व प्राचार्य, एस.एस. काॅलेज, शाहजहाँपुर एवं महाराजा अग्रसेन शिक्षा समिति (रजि.), बरेली के महामंत्री शशि भूषण अग्रवाल (राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित), निदेशक डाॅ. प्रवीन कुमार अग्रवाल, प्राचार्य डाॅ. सौरभ अग्रवाल, सम्मेलन के आयोजक सचिव डाॅ. सुमित अग्रवाल, संयोजिका डाॅ. सोनल अग्रवाल, समन्वयक डाॅ. नीतू शर्मा द्वारा माँ सरस्वती एवं महाराजा अग्रसेन जी की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलन एवं माल्यार्पण के साथ किया गया तथा इस सम्मेलन हेतु प्रकाशित सांराक्ष पुस्तिका (प्रोसीडिंग्स) का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय की छात्राओं ने सरस्वती वन्दना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किये।
अपने स्वागत उद्बोधन में प्रबन्ध समिति के महामंत्री शशि भूषण अग्रवाल ने सभी अतिथियों एवं प्रतिभागियों का हार्दिक स्वागत किया। उन्होने सम्मेलन की सफलता हेतु अपनी शुभकामनाऐं दी तथा विश्वविद्यालय एवं बैंक आफ बडौदा के सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया तथा माननीय कुलपति महोदय से महाविद्यालय में संचालन हेतु बी.एस.सी फोरेंसिक साइन्स पाठ्यक्रम की शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध भी किया।
कार्यक्रम में विषय विशेषज्ञ के रूप में प्रो. संतोष अरोड़ा ने अपने विचार व्यक्त करते हुए सम्मेलन के विषय की प्रासंगिकता एवं महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होने कहा कि विज्ञान शिक्षा, प्रौधोगिकी का समन्वय समाज के सर्वागीण विकास तथा नवाचार को नई दिशा प्रदान कर रहा है। शिक्षा के क्षेत्र में तकनीकी नवाचार का समावेष विद्याथियों की सृजनात्मकता एवं अनुसंधान क्षमता को बढ़ावा देता है।
इसी क्रम में दूसरे विषय विशेषज्ञ डाॅ. योगेश कुमार ने पी.ए.एन.आई./कार्बन/मैंग्नीज आक्साइड कम्पोजिट इलेक्ट्रोडज़ फाॅर सुपर कैपिसिटरस एण्ड कार्बन बेसड मैटेरियल फाॅर हाइड्रोजन स्टोरेज पर अपने विचार प्रस्तुत किये तथा तीसरे विषय विशेषज्ञ डाॅ. ए. के. मिश्रा ने छात्रों को वैज्ञानिक चिन्तन व सामाजिक दृष्टिकोण विकसित करने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. के.पी. सिंह ने अपने आशीष वचन प्रदान किये उन्होने अपने सम्बोधन में सम्मेलन की विषयवस्तु की सराहना करते हुए कहा कि विज्ञान, शिक्षा एवं प्रौधोगिकी का समन्वय आधुनिक समाज की प्रगति का आधार है। एसे अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन शोध नवाचार तथा ज्ञान के आदान-प्रदान को प्रोत्साहित करने के साथ-साथ शिक्षकों, शोधार्थियों एवं विद्याथियों को वैष्विक स्तर पर अपने विचार साझा करने का महत्वपूर्ण मंच प्रदान करते है तथा उन्होने छात्र-छात्राओं को सामान्य विषयों के साथ-साथ अपने तकनीकी ज्ञान और कौशल को भी आगे बढ़ाने हेतु प्रेरित किया।
अन्तर्राष्ट्रीय सम्मेलन की प्रायोजक बैंक आफ बडौदा की परतासपुर शाखा प्रबन्धक नेहा त्रिपाठी ने छात्र-छात्राओं को आनलाइन बैंकिग एवं उससे जुड़े अनियमिताओं के बारे में अवगत कराया।
सम्मेलन विषय विषेषज्ञ के रूप में डाॅ. हरी शंकर ने अपने आनलाइन माध्यम से ज्ञानवर्धक व्याख्यान द्वारा सम्मेलन के शीर्षक से संबंधित विभिन्न आयामों पर प्रकाश डाला। उन्होने बताया कि विज्ञान एवं प्रौधोगिकी के प्रभावी उपयोग से शिक्षा को अधिक समावेषी सुलभ एवं गुणवत्तापूर्ण बनाया जा सकता है। तथा भविष्य की चुनौतियों का सफलतापूर्वक सामना किया जा सकता है।
विषय विषेषज्ञ डाॅ. नीति कुमार द्वारा आनलाइन प्रस्तुति में कहा कि विज्ञान शिक्षा तकनीकी नवाचारों के मध्य संबंधो को रेखांकित करते हुए बताया कि आधुनिक शोध एवं नवाचार समाज के सतत विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। साथ ही उन्होनें अनुसन्धान आधारित शिक्षा को समय की अवश्यकता बताया।
इस सम्मेलन में कनाडा, भूटान, नेपाल आदि देशो के अतिरिक्त भारत के विभिन्न प्रदेशो के विश्वविद्यालयों एवं अनुसन्धान संस्थान के वैज्ञानिकों एवं प्रवक्ताओं ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये तथा अपने शोध निष्कर्षों और अनुभवों को प्रतिभागियों के साथ साझा किया। उनके व्याख्यानों से शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को नवीन वैज्ञानिक और शोध परक जानकरियां प्राप्त हुयी।
उन्होने सम्मेलन के सफल आयोजन हेतु महाविद्यालय परिवार को शुभकामनाऐं देते हुए कि ऐसे अन्र्तराष्ट्रीय सम्मेलन ज्ञान-विनिमय, शोध संवर्धन तथा वैष्विक शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभातें है। इस अवसर पर विभिन्न महाविद्यालयों से आये शिक्षकों, शोधार्थियों एवं छात्रों ने अपने शोध पत्र प्रस्तुत किये तथा विभिन्न आयामों से अवगत कराया। साथ ही अपने शोध से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां भी साझा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, विषिष्ठ अतिथियों, विषय विषेषज्ञों एवं एडवाइजरी कमेटी के सदस्यों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के अन्त में सम्मेलन के आयोजक सचिव डाॅ. सुमित अग्रवाल ने सभी अतिथियों विषिष्ठ विषय विषेषज्ञों अतिथियों, षोधार्थियों एवं प्रतिभागियों के प्रति उनकी गरिमामयी उपस्थिति तथा सम्मेलन को सफल बनाने में दिये गये योगदान हेतु आभार व्यक्त किया उन्होने कहा कि इस प्रकार के शैक्षणिक आयोजनों से ज्ञान, अनुसन्धान एवं नवाचार को नई दिशा प्रदान होती है। मंच संचालन डाॅ. सोनल अग्रवाल द्वारा किया गया।
इस अवसर पर नीतू शर्मा डाॅ. के.के. मेहरोत्रा, अजीत सिंह, डाॅ. पूजा अग्रवाल, डाॅ. विपुल मेहरोत्रा, डाॅ. के.के. अग्रवाल, डाॅ. ए. के. शर्मा, शोभित अग्रवाल, डाॅ. सीमा श्रीवास्तव, डाॅ. नाजो बी, डाॅ. तरूण पाण्डेय, मंयक शर्मा, डाॅ. राजपाल वर्मा, संचित कक्कड़, आदि उपस्थित रहें।