बरेली तहसील रिपोर्ट- शुभम चौबे
बरेली।
साइबर क्राइम थाना बरेली पुलिस ने शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के नाम पर करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने फर्जी ट्रेडिंग एप और वेबसाइट बनाकर लोगों को भारी मुनाफे का लालच दिया और निवेश के नाम पर लाखों रुपये हड़प लिए। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से बड़ी मात्रा में बैंकिंग दस्तावेज, डेबिट कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन समेत कई महत्वपूर्ण सामान बरामद किए हैं।
पुलिस के अनुसार, 8 जून 2026 को बरेली के आशीष रॉयल पार्क निवासी आलोक दुबे ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 16 जनवरी 2026 को अंश कुमार नामक व्यक्ति ने उन्हें फोन कर शेयर मार्केट में एल्गो ट्रेडिंग के माध्यम से निवेश करने का प्रस्ताव दिया। इसके बाद व्हाट्सएप के जरिए SMC Broking नामक एक एप डाउनलोड कराया गया और केवाईसी कराकर निवेश शुरू करवाया गया।
शिकायतकर्ता के अनुसार, उन्हें लगातार अधिक लाभ का भरोसा देकर विभिन्न बैंक खातों में रकम जमा कराई गई। जनवरी से अप्रैल 2026 के बीच उन्होंने कुल 49 लाख 43 हजार 898 रुपये 20 अलग-अलग ट्रांजैक्शन में जमा किए। जब उन्होंने अपनी रकम वापस मांगी तो पहले लॉक-इन अवधि का बहाना बनाया गया। बाद में पुराना एप बंद कर Star Investments नामक दूसरा एप डाउनलोड कराया गया और निवेश की राशि उसमें दिखाई जाने लगी।
पीड़ित ने बताया कि रकम निकालने के लिए उनसे 15 प्रतिशत कमीशन और 18 प्रतिशत जीएसटी के नाम पर अतिरिक्त धनराशि भी जमा कराई गई, लेकिन इसके बावजूद पैसा वापस नहीं मिला। बाद में आरोपी फोन उठाना बंद कर गए और ऑडिट तथा तकनीकी अपडेट का बहाना बनाकर लगातार टालते रहे। खुद को ठगी का शिकार महसूस होने पर पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल (NCRP) पर शिकायत दर्ज कराई और साइबर क्राइम थाना बरेली में मुकदमा दर्ज कराया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर थाना साइबर क्राइम में मुकदमा अपराध संख्या 33/2026 धारा 318(4) बीएनएस एवं 66डी आईटी एक्ट के तहत दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए लगभग 31 लाख रुपये की धनराशि को लियन होल्ड कराया।
तकनीकी जांच और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मामले के मुख्य आरोपी सचिन कुमार पुत्र स्व. रामबीर सिंह को 12 जून 2026 को देहरादून से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी वर्तमान में विश्वनाथ एन्क्लेव, सहस्त्रधारा रोड, देहरादून में रह रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर SMCBroking.com और StarInvestment.com नाम से फर्जी ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म तैयार किए थे। इन प्लेटफॉर्मों के माध्यम से लोगों को निवेश पर भारी रिटर्न का झांसा दिया जाता था। निवेशकों से प्राप्त रकम विभिन्न बैंक खातों में मंगवाकर उसे अन्य खातों, क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क के जरिए ठिकाने लगाया जाता था।
गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से 8 डेबिट कार्ड, लैपटॉप, मोबाइल फोन, आधार कार्ड, पैन कार्ड, 8 चेकबुक, पासबुक, चेक, बैंकिंग दस्तावेज, मुहरें, राउटर, रेंट एग्रीमेंट, उद्यम पंजीकरण प्रमाणपत्र सहित कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए हैं।
पुलिस के अनुसार आरोपी रकम को एमटी-5 ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म और पेमेंट गेटवे के माध्यम से क्रिप्टोकरेंसी में परिवर्तित कर यूएसडीटी के रूप में अपने वॉलेट में ट्रांसफर करता था। इसके बाद हवाला नेटवर्क के जरिए नकद राशि प्राप्त की जाती थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अपने आधार कार्ड में पता बदलवाकर और नए स्थानों पर किरायेदारी के दस्तावेज तैयार कर पहचान छिपाने का प्रयास करता था।
साइबर क्राइम थाना बरेली की जांच में यह भी पता चला है कि आरोपी के खिलाफ तेलंगाना और कर्नाटक में भी साइबर धोखाधड़ी से संबंधित शिकायतें दर्ज हैं। संबंधित राज्यों की एजेंसियों को भी मामले की जानकारी दी जा रही है।
इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक धनंजय कुमार पांडेय, उपनिरीक्षक गुरमीत तोमर, सौरव तोमर, कपिल राघव तथा साइबर क्राइम टीम के अन्य पुलिसकर्मियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति के झांसे में आकर ऑनलाइन निवेश न करें तथा निवेश से पहले संबंधित प्लेटफॉर्म की वैधता की जांच अवश्य करें।