राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी।
रेलवे स्टेशन बरही नाका स्थित शराब दुकान में कट्टा लहराकर कर्मचारियों और ग्राहकों में दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को कोतवाली पुलिस ने घटना के महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लोडेड देशी कट्टा और दो बटनदार चाकू बरामद किए हैं।
जानकारी के अनुसार 20 जून 2026 की रात करीब 11:30 बजे बरही नाका स्थित शराब दुकान में कार्यरत गद्दीदार महेन्द्र सिंह ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि विनय उर्फ गोलू सक्सेना अपने दो साथियों के साथ दुकान पर पहुंचा और कट्टा लहराते हुए गाली-गलौज कर जान से मारने की धमकी देने लगा। कर्मचारियों के विरोध करने पर तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए कोतवाली पुलिस ने तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए, जिनमें आरोपी हथियार लहराते हुए स्पष्ट दिखाई दिए। जांच के दौरान अन्य दो आरोपियों की पहचान अंशुल भारती और महेन्द्र सिंह चौहान उर्फ जानू के रूप में हुई।
पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा के निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कमल मौर्य एवं नगर पुलिस अधीक्षक श्रीमती नेहा पच्चीसिया के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। लगातार दबिश देकर पुलिस ने एक आरोपी को मंगलनगर क्षेत्र और दो आरोपियों को बैलट घाट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।
तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 315 बोर का एक लोडेड देशी कट्टा और दो बटनदार चाकू बरामद किए गए। पूछताछ में मुख्य आरोपी विनय उर्फ गोलू सक्सेना ने बताया कि कुछ दिन पहले शराब दुकान के कर्मचारी से उसका विवाद हुआ था। इसी पुरानी रंजिश के चलते वह अपने साथियों के साथ हथियार लेकर दुकान पर धमकाने पहुंचा था।
जांच में यह भी सामने आया कि तीनों आरोपियों का आपराधिक इतिहास रहा है। मुख्य आरोपी विनय उर्फ गोलू सक्सेना के खिलाफ 15, महेन्द्र सिंह चौहान उर्फ जानू के खिलाफ 6 तथा अंशुल भारती के खिलाफ 3 आपराधिक प्रकरण पहले से दर्ज हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
सराहनीय भूमिका
कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक राखी पाण्डेय, उपनिरीक्षक कुलदीप सिंह, प्रधान आरक्षक वीरेन्द्र तिवारी, अनिल सेंगर, वीरेन्द्र सिंह, पुष्पराज सिंह तथा आरक्षक अजय प्रताप सिंह, दीपक तिवारी, मंसूर हुसैन, मोहन मण्डलोई, दिनेश सेन एवं अजीत सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।