स्थान: बांदा, उत्तर प्रदेश
बांदा जनपद की बबेरू तहसील में सड़क दुर्घटना में वरिष्ठ पत्रकार बाबूलाल गुप्ता उर्फ ‘नन्ना’ की मृत्यु के बाद पत्रकारों में गहरा आक्रोश देखने को मिल रहा है। घटना के कई दिन बीत जाने के बावजूद दुर्घटना में शामिल अज्ञात वाहन और उसके चालक की गिरफ्तारी नहीं होने पर पत्रकारों ने नाराजगी जताते हुए मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर शीघ्र कार्रवाई की मांग की।
इस संबंध में बबेरू कस्बे स्थित अद्भुत शिव मंदिर परिसर में प्रेस क्लब के तत्वावधान में शोकसभा आयोजित की गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पत्रकारों और सामाजिक लोगों ने भाग लिया। सभी ने दिवंगत पत्रकार को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। उपस्थित लोगों ने कहा कि बाबूलाल गुप्ता लंबे समय से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय थे और समाज के मुद्दों को प्रमुखता से उठाते रहे। उनकी असमय मृत्यु पत्रकारिता जगत के लिए अपूरणीय क्षति है।
शोकसभा के बाद पत्रकारों ने प्रशासन के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि सड़क दुर्घटना में शामिल वाहन की जल्द से जल्द पहचान कर उसे बरामद किया जाए तथा जिम्मेदार चालक के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही दिवंगत पत्रकार के परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान कर उनके आश्रितों को आवश्यक सहयोग उपलब्ध कराया जाए, ताकि परिवार को इस कठिन समय में सहारा मिल सके।
ज्ञापन में सड़क सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे भी उठाए गए। पत्रकारों ने कहा कि बबेरू क्षेत्र के कई प्रमुख मार्गों के किनारे गिट्टी और मोरम का अवैध भंडारण किया जाता है, जिससे सड़कें संकरी हो जाती हैं और दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ जाती है। उन्होंने ऐसे सभी अवैध डंप तत्काल हटाने की मांग की।
इसके अलावा पत्रकारों ने सड़क सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए प्रमुख चौराहों, संवेदनशील स्थानों और नो-एंट्री क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे लगाने की मांग की। उनका कहना है कि आधुनिक निगरानी व्यवस्था से दुर्घटनाओं की जांच आसान होगी और यातायात नियमों का पालन भी बेहतर तरीके से कराया जा सकेगा।
पत्रकारों ने यह भी मांग उठाई कि नो-एंट्री क्षेत्र में भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जाए। उनका कहना है कि निर्धारित समय के अलावा भारी वाहन शहर में प्रवेश कर जाते हैं, जिससे आए दिन सड़क हादसे होते हैं और आम नागरिकों की जान जोखिम में पड़ जाती है।
ज्ञापन में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष मांग रखी गई। पत्रकारों ने सरकार से पत्रकार दुर्घटना बीमा योजना लागू करने की मांग करते हुए कहा कि फील्ड में कार्य करने वाले पत्रकार लगातार जोखिम के बीच अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। ऐसे में उनके लिए प्रभावी सुरक्षा और बीमा व्यवस्था आवश्यक है।
पत्रकारों ने उम्मीद जताई कि प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेते हुए दुर्घटना की निष्पक्ष जांच कराएगा और दोषियों को जल्द कानून के दायरे में लाएगा। साथ ही सड़क सुरक्षा से जुड़े सुझावों पर भी प्रभावी कार्रवाई की जाएगी, जिससे भविष्य में इस प्रकार की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा, यातायात व्यवस्था और पत्रकारों की सुरक्षा जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है। स्थानीय लोगों का भी मानना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम उठाए जाएं तो दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और आम नागरिकों के साथ-साथ पत्रकारों की सुरक्षा भी सुनिश्चित की जा सकती है।