रिपोर्टर: संतन दास
स्थान: महासमुंद, छत्तीसगढ़
महासमुंद पुलिस ने नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए छत्तीसगढ़-ओडिशा सीमा पर कार्रवाई कर अंतरराज्यीय गांजा तस्करी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने 9 किलोग्राम गांजा के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि इस मामले में दो विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध भी नियमानुसार कार्रवाई की गई है। पुलिस ने गांजा, कार और मोबाइल सहित कुल 8 लाख 60 हजार रुपये की संपत्ति जब्त की है।
पुलिस के अनुसार, राज्य में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के निर्देश पर लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत महासमुंद जिले में पुलिस को सूचना मिली कि ओडिशा के संबलपुर से महाराष्ट्र के चंद्रपुर की ओर एक सफेद रंग की कार में अवैध गांजा ले जाया जा रहा है।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने राष्ट्रीय राजमार्ग-53 स्थित रेहटीखोल क्षेत्र में नाकाबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच शुरू कर दी। कुछ समय बाद बताए गए विवरण से मेल खाती एक होंडा अमेज कार को रोककर उसकी तलाशी ली गई। वाहन में पांच लोग सवार थे।
पूछताछ के दौरान वाहन चालक ने अपना नाम शाहिद खान निवासी बल्लारपुर, जिला चंद्रपुर (महाराष्ट्र) बताया। उसके साथ शुभम केशकर और रोहित केशकर भी मौजूद थे। इसके अलावा वाहन में दो विधि से संघर्षरत बालक भी सवार थे। प्रारंभिक पूछताछ में सभी के जवाब संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने वाहन की गहन तलाशी ली।
तलाशी के दौरान कार की डिक्की से 9 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से बताया कि मादक पदार्थ को ओडिशा के संबलपुर से महाराष्ट्र के चंद्रपुर ले जाया जा रहा था, जहां इसकी बिक्री की योजना थी। इसके बाद पुलिस ने सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए गांजा जब्त कर लिया।
कार्रवाई के दौरान पुलिस ने लगभग 4 लाख 50 हजार रुपये मूल्य का गांजा, परिवहन में प्रयुक्त कार तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए। जब्त की गई कुल संपत्ति का अनुमानित मूल्य 8 लाख 60 हजार रुपये बताया गया है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत थाना सिंघोड़ा में मामला दर्ज किया है। वहीं, दो विधि से संघर्षरत बालकों के विरुद्ध किशोर न्याय कानून के तहत आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की गई है।
महासमुंद पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर मादक पदार्थ की सप्लाई चेन, उसके स्रोत और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इस तस्करी गिरोह के पीछे कौन लोग सक्रिय हैं और इसका संबंध किन राज्यों से जुड़ा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वर्ष 2026 में अब तक जिले में मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान दर्ज 105 प्रकरणों में कुल 7,251.851 किलोग्राम गांजा जब्त किया जा चुका है, जिसकी अनुमानित कीमत 36 करोड़ रुपये से अधिक बताई गई है। इसी अवधि में गांजा तस्करी से जुड़े 259 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें बड़ी संख्या अन्य राज्यों के आरोपियों की है।
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस पूरे नेटवर्क की वित्तीय जांच और अन्य कड़ियों की भी पड़ताल कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े मुख्य सरगनाओं तक पहुंचकर उनके खिलाफ भी कठोर कानूनी कार्रवाई की जा सके।