रिपोर्टर: संतन दास
स्थान: महासमुंद, छत्तीसगढ़
महासमुंद पुलिस ने राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए विभिन्न मामलों में जब्त भारी मात्रा में अवैध गांजा का नियमानुसार नष्टीकरण किया। जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में करीब 9 क्विंटल 98 किलो 70 ग्राम गांजा नष्ट किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 5 करोड़ 12 लाख 5 हजार 500 रुपये बताई गई है।
यह कार्रवाई महासमुंद जिले के बेलसोण्डा स्थित बालाजी प्लांट में निर्धारित प्रक्रिया के तहत संपन्न हुई। नष्टीकरण से पहले जब्त मादक पदार्थ का भौतिक सत्यापन किया गया, जिसके बाद समिति की उपस्थिति में उसे पूरी तरह नष्ट किया गया।
पुलिस के अनुसार नष्ट किया गया गांजा महासमुंद जिले के विभिन्न थानों में दर्ज एनडीपीएस एक्ट के मामलों में जब्त किया गया था। इन मामलों में लंबे समय से सुरक्षित रखे गए मादक पदार्थ का न्यायालयीन प्रक्रिया और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप नष्टीकरण किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि कुल 998.070 किलोग्राम अवैध गांजा का नष्टीकरण किया गया। यह मादक पदार्थ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में दर्ज सात प्रकरणों से संबंधित था। इनमें थाना कोमाखान के तीन, थाना बसना का एक तथा थाना सांकरा के तीन प्रकरण शामिल हैं।
पुलिस के अनुसार नष्ट किए गए मामलों में वर्ष 2025 के तीन तथा वर्ष 2026 के चार प्रकरण शामिल रहे। सभी मामलों में विधिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी द्वारा नष्टीकरण की अनुमति प्रदान की गई।
पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक महासमुंद की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की निगरानी में संपन्न हुई। इस दौरान जिला आबकारी अधिकारी, उप पुलिस अधीक्षक, एंटी नारकोटिक टास्क फोर्स के नोडल अधिकारी तथा रक्षित निरीक्षक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों की मौजूदगी में निर्धारित मानकों का पालन करते हुए मादक पदार्थ का सुरक्षित नष्टीकरण किया गया।
महासमुंद पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ लगातार प्रभावी कार्रवाई जारी है। मादक पदार्थों की तस्करी, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कानूनी कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही न्यायालयीन प्रक्रिया पूरी होने के बाद जब्त मादक पदार्थों का समय-समय पर नियमानुसार नष्टीकरण भी किया जा रहा है, ताकि उनका दोबारा किसी भी रूप में दुरुपयोग न हो सके।
पुलिस अधिकारियों ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें अपने आसपास अवैध मादक पदार्थों की बिक्री, तस्करी या सेवन से जुड़ी कोई जानकारी मिले तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। लोगों के सहयोग से नशे के खिलाफ अभियान को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है।
महासमुंद पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले को नशा मुक्त बनाने की दिशा में अभियान लगातार जारी रहेगा और मादक पदार्थों के अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानून के अनुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।