जिला ब्यूरो चीफ शिशिर शर्मा (सोनभद्र)
रामपुर,सोनभद्र। अविरल रस सोशल फाउंडेशन द्वारा ग्राम रामपुर में ग्राम प्रधान की उपस्थिति में किसानों के लिए जैविक खेती जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किसानों को रासायनिक खेती के दुष्प्रभावों से अवगत कराते हुए जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करना था। कार्यक्रम के दौरान किसानों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए जैविक खेती के लाभ, मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, उत्पादन की गुणवत्ता बढ़ाने तथा रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के लगातार उपयोग से होने वाले स्वास्थ्य एवं पर्यावरण संबंधी नुकसान की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को कैश क्रॉप (नकदी फसलों) की खेती के महत्व और उससे आय बढ़ाने के प्रभावी तरीकों के बारे में भी बताया गया। इस अवसर पर 50 किसान साथियों को अरहर, तिल एवं मूंगफली के उन्नत किस्म के बीज वितरित किए गए, ताकि वे जैविक तरीके से इन फसलों का उत्पादन कर बेहतर आय अर्जित कर सकें।
अविरल रस सोशल फाउंडेशन के निदेशक अभय प्रताप सिंह ने बताया कि संस्था का मुख्य उद्देश्य किसानों को जैविक खेती के प्रति जागरूक करना और उन्हें बेहतर बाजार से जोड़कर उनकी उपज का उचित मूल्य दिलाना है। उन्होंने कहा कि पिछले एक वर्ष से संस्था लगातार रामपुर के किसानों के बीच जागरूकता अभियान चला रही है और किसानों की आय बढ़ाने के लिए विभिन्न स्तरों पर कार्य कर रही है।ग्राम प्रधान ने अपने संबोधन में कहा कि आज के समय में किसानों के लिए जैविक खेती अपनाना केवल एक विकल्प नहीं, बल्कि आवश्यकता बन गई है। रासायनिक उर्वरकों के अत्यधिक उपयोग से भूमि की उर्वरता लगातार घट रही है, जिससे उत्पादन की गुणवत्ता भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने किसानों से अपील की कि वे आधुनिक तकनीकों के साथ-साथ जैविक खेती को अपनाकर अपनी मिट्टी और पर्यावरण का संरक्षण करें। उन्होंने कहा कि अरहर, तिल और मूंगफली जैसी नकदी फसलों की वैज्ञानिक एवं जैविक तरीके से खेती करने पर किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हो सकती है। ग्राम प्रधान ने अविरल रस सोशल फाउंडेशन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रम ग्रामीण क्षेत्रों में किसानों के लिए अत्यंत लाभकारी हैं और भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाने चाहिए, ताकि अधिक से अधिक किसान इसका लाभ उठा सकें। ग्रामीणों और किसानों ने इस पहल की सराहना करते हुए भविष्य में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की।