पोषण और स्वच्छता के प्रति जागरूकता ही स्वस्थ जीवन की कुंजी है- अनुपमा लोधी:
अनुरागिनी संस्था द्वारा जिला प्रशासन के सहयोग से कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय छौक परिसर में ‘स्वास्थ्य एवं पोषण जागरूकता कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य किशोरियों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता एवं एनीमिया से बचाव के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य अनुपमा लोधी रहीं। उन्होंने छात्राओं को संबोधित करते हुए कहा कि एक स्वस्थ एवं शिक्षित बेटी ही समाज और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधार शिला होती है। उन्होंने कहा कि किशोरियों को अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहना चाहिए तथा संतुलित आहार और व्यक्तिगत स्वच्छता को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाना चाहिए।अनुरागिनी संस्था के अध्यक्ष डॉ. प्रवीण सिंह जादौन ने कहा कि भारत में बड़ी संख्या में किशोरियां एनीमिया से प्रभावित हैं, जिसका सीधा असर उनके शारीरिक, मानसिक एवं बौद्धिक विकास पर पड़ता है। उन्होंने कहा कि एनीमिया की रोकथाम के लिए पौष्टिक एवं संतुलित भोजन अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने छात्राओं को जंक फूड, अत्यधिक पैकेज्ड खाद्य पदार्थों एवं शीतल पेयों से दूरी बनाने की सलाह देते हुए हरी पत्तेदार सब्जियां, मौसमी फल, दालें, अंकुरित अनाज, दूध, दही, गुड़, चना तथा अन्य पोषक तत्वों से भरपूर खाद्य पदार्थों को अपने दैनिक भोजन में शामिल करने के लिए प्रेरित किया। साथ ही उन्होंने व्यक्तिगत स्वच्छता, नियमित हाथ धोने, साफ पेयजल के उपयोग तथा मासिक धर्म स्वच्छता के महत्व पर भी विस्तार से जानकारी दी। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी जालौन विकास चौधरी ने कहा कि विद्यालय केवल शिक्षा का केंद्र नहीं बल्कि बच्चों के समग्र विकास का माध्यम भी है। उन्होंने कहा कि यदि छात्राएं स्वस्थ रहेंगी तो उनकी शिक्षा, आत्म विश्वास और भविष्य भी बेहतर होगा। उन्होंने विद्यालयों में नियमित स्वास्थ्य जागरूकता गतिविधियों की आवश्यकता पर बल देते हुए छात्राओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का आह्वान किया।महिला कल्याण विभाग जालौन की ऋचा द्विवेदी ने चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर के बारे में जानकारी दी। कार्यक्रम में उपस्थित स्वास्थ्य विशेषज्ञ रजनी पाल ने छात्राओं से सीधा संवाद करते हुए एनीमिया के कारण, लक्षण और बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि भारत में किशोरियों में खून की कमी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य समस्या है, जिससे थकान, कमजोरी, चक्कर आना, पढ़ाई में ध्यान न लगना तथा शारीरिक विकास प्रभावित हो सकता है। उन्होंने बताया कि इससे बचाव के लिए हरी पत्तेदार सब्जियां, पालक, मेथी, सरसों का साग, गुड़, चना, दालें, अंकुरित अनाज, बाजरा, रागी तथा विटामिन-सी युक्त फलों का नियमित सेवन करना चाहिए। साथ ही सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जाने वाली आयरन एवं फोलिक एसिड की साप्ताहिक गोलियों का नियमित सेवन भी आवश्यक है।सरकार के “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत अतिथियों ने विद्यालय की पोषण वाटिका में पौधरोपण किया।इसके पश्चात मुख्य अतिथि अनुपमा लोधी ने विद्यालय की रसोई का निरीक्षण कर भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता व्यवस्थाओं का देखा। इस अवसर पर जिला केंद्रीय सहकारी उपभोक्ता भंडार जालौन के अध्यक्ष उपेन्द्र सिंह राजावत खंड शिक्षा अधिकारी अमर सिंह कस्तूरबा बालिका आवासीय विद्यालय की प्रधानाचार्य स्वाति श्रीवास्तव एवं वार्डन रेवती कुमारी शिक्षिका प्रियंका भदोरिया प्रतिभा द्विवेदी, उपलब्धि दोहेलिया प्रतिष्ठा श्रीवास्तव मधुबाला चतुर्वेदी सोनल संस्था के श्याम करन प्रजापति नितिन सैनी उपस्थित थे संचालन वर्षा विश्वकर्मा ने किया।
(अनिल कुमार ओझा ब्यूरो प्रमुख
ITN news)