किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
रायपुर। महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप से जुड़े कथित मनी लॉन्ड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने दिल्ली से गिरफ्तार किए गए विकास गर्ग को रायपुर की विशेष अदालत में पेश किया। अदालत ने ईडी की मांग स्वीकार करते हुए 24 जुलाई तक 10 दिनों की रिमांड मंजूर कर दी है। इस दौरान ईडी विकास गर्ग से कथित अवैध कमाई, निवेश और मनी लॉन्ड्रिंग के संबंध में पूछताछ करेगी।
ईडी के अनुसार, जांच में सामने आया है कि विकास गर्ग ने महादेव बेटिंग ऐप से जुड़े नेटवर्क के माध्यम से कथित तौर पर 940 करोड़ रुपये की अवैध संपत्ति अर्जित की। जांच एजेंसी का आरोप है कि हरिशंकर टिंबरेवाल के माध्यम से प्राप्त धन को विकास गर्ग ने दुबई, मॉरीशस, अमेरिका (USA) और ब्रिटेन (UK) में पंजीकृत कई कंपनियों के जरिए निवेश किया।
ईडी का दावा है कि महादेव ऐप से जुड़े धन को स्काई एक्सचेंज नामक प्लेटफॉर्म के माध्यम से शेयर कैपिटल, फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (FDI), पोर्टफोलियो निवेश और अन्य वित्तीय माध्यमों में लगाया गया, ताकि अवैध कमाई को वैध निवेश के रूप में दिखाया जा सके।
जांच एजेंसी के अनुसार, अवैध नकदी को विभिन्न लोगों के बैंक खातों में वेतन भुगतान जैसी एंट्री दिखाकर बैंकिंग प्रणाली में शामिल किया गया और बाद में उसे शेयर बाजार, बॉन्ड तथा अन्य निवेश साधनों में लगाया गया।
ईडी के अधिवक्ता सौरभ पांडेय ने बताया कि विकास गर्ग को कई बार धारा 50 के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया था। उनके अनुसार, पूछताछ के दौरान दिए गए बयानों में विरोधाभास मिलने के बाद गिरफ्तारी की कार्रवाई की गई। ईडी ने यह भी दावा किया कि अमेरिका में एक कंपनी के जरिए बड़े पैमाने पर कॉर्पोरेट परिसंपत्तियों के अधिग्रहण सहित कई वित्तीय लेनदेन की जांच की जा रही है।
ईडी ने बताया कि मामले की जांच जारी है और अब तक कई आरोपपत्र (चार्जशीट) दाखिल किए जा चुके हैं। एजेंसी के अनुसार, 5 जून को कथित तौर पर 940 करोड़ रुपये की संपत्ति अंतरिम रूप से अटैच भी की जा चुकी है।
नोट: मामले में लगाए गए सभी आरोप ईडी की जांच और अदालत में प्रस्तुत दस्तावेजों पर आधारित हैं। अंतिम निर्णय न्यायालय के आदेश के अधीन रहेगा।