किशोर कुमार छत्तीसगढ़ स्टेट रिपोर्टर इंडियन टीवी न्यूज नेशनल
बिलासपुर। साइबर ठगों ने इस बार एक पुलिसकर्मी को निशाना बनाते हुए उनके मोबाइल पर कथित रूप से एक APK फाइल भेजकर फोन हैक कर लिया और बैंक खाते से 29 हजार रुपये निकाल लिए। मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जानकारी के अनुसार, पुलिस लाइन ब्लॉक-डी निवासी प्रेम उपाध्याय (43) ने शिकायत दर्ज कराई कि मंगलवार को उन्होंने पुलिस पेट्रोल पंप पर यूपीआई के माध्यम से पेट्रोल का भुगतान किया था। इसके बाद दोपहर करीब 12:23 बजे कलेक्टर कार्यालय परिसर में पहुंचने पर उन्हें पता चला कि उनके एसबीआई बैंक खाते से चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 29 हजार रुपये निकाल लिए गए हैं।
पीड़ित का आरोप है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने APK फाइल के माध्यम से उनका मोबाइल हैक कर बैंक खाते से रकम ट्रांसफर कर ली। बैंक रिकॉर्ड में यह राशि “मुसाफिर” नाम के खाते में ट्रांसफर होना सामने आया है। घटना की जानकारी मिलते ही उन्होंने एसबीआई की कलेक्टोरेट शाखा और राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई।
इस मामले की सबसे चिंताजनक बात यह रही कि खाते से रकम निकलने के दौरान पीड़ित के मोबाइल पर कोई ओटीपी या अलर्ट संदेश प्राप्त नहीं हुआ। प्रारंभिक शिकायत के अनुसार, आशंका है कि फोन के साथ छेड़छाड़ होने के कारण संदेश दिखाई नहीं दिए। इस पहलू की जांच पुलिस कर रही है।
सिविल लाइन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) और सूचना प्रौद्योगिकी (IT) अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
साइबर सेल की सलाह
अज्ञात नंबर या लिंक से भेजी गई APK फाइल कभी डाउनलोड न करें।
केवल Google Play Store या Apple App Store से ही ऐप इंस्टॉल करें।
किसी भी संदिग्ध ट्रांजेक्शन की जानकारी मिलते ही तुरंत बैंक और 1930 साइबर हेल्पलाइन या राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें
मोबाइल और बैंकिंग ऐप्स को नियमित रूप से अपडेट रखें तथा अनावश्यक ऐप परमिशन न दें।