राजेश कुमार तिवारी इंडियन टीवी न्यूज़
कटनी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शुक्रवार को कटनी जिले के स्लीमनाबाद में निर्माणाधीन देश की सबसे लंबी जल-सुरंग का निरीक्षण करेंगे। लगभग 11.952 किलोमीटर लंबी यह सुरंग नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण की महत्वाकांक्षी परियोजना है, जिसके पूरा होने पर नर्मदा का जल गुरुत्वाकर्षण (ग्रेविटी फ्लो) के माध्यम से विंध्य और महाकौशल क्षेत्र तक पहुंचेगा। इस परियोजना से जबलपुर, कटनी, मैहर, सतना, रीवा और पन्ना जिले के लगभग 1450 गांवों की 2.45 लाख हेक्टेयर कृषि भूमि को स्थायी सिंचाई सुविधा मिलेगी।
वर्ष 2008 में शुरू हुई इस परियोजना को भू-गर्भीय चुनौतियों के कारण कई कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। विंध्य पर्वतमाला के भीतर कठोर चट्टानों, अत्यधिक जल रिसाव और जटिल भू-संरचना के बावजूद आधुनिक तकनीक की मदद से सुरंग का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच चुका है। परियोजना में अत्याधुनिक टनल बोरिंग मशीन, केमिकल ग्राउटिंग और आधुनिक डीवॉटरिंग सिस्टम का उपयोग किया गया है।
करीब 1610 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना का अधिकांश निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। मुख्य जल-सुरंग और ओपन कट नहर का निर्माण लगभग पूर्ण हो गया है, जबकि शेष कार्य भी तेजी से पूरा किया जा रहा है।
परियोजना के क्रियान्वयन के बाद नर्मदा का जल बिना किसी पंपिंग के प्राकृतिक ढलान के माध्यम से खेतों तक पहुंचेगा, जिससे सिंचाई क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। इससे कृषि उत्पादन बढ़ने के साथ हजारों किसानों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा और विंध्य एवं महाकौशल क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के प्रस्तावित निरीक्षण को इस महत्वपूर्ण परियोजना की प्रगति और समयबद्ध पूर्णता की दिशा में अहम माना जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, परियोजना के शेष कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण कर चरणबद्ध तरीके से सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी।