ओडिशा के मयूरभंज जिले के द्वितीय श्रीक्षेत्र बारीपदा में शुक्रवार को भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा के दिव्य सुनाबेश का भव्य आयोजन हुआ। इस दुर्लभ दर्शन के लिए हजारों श्रद्धालु उमड़ पड़े। पूरे शहर में भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला। आइए देखते हैं यह विशेष रिपोर्ट।द्वितीय श्रीक्षेत्र के नाम से प्रसिद्ध बारीपदा में शुक्रवार को चतुर्धामूर्ति भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र, देवी सुभद्रा और सुदर्शन के मनमोहक सुनाबेश तथा पहंडी बीजे का आयोजन आध्यात्मिक उल्लास के बीच संपन्न हुआ।मंदिर परिसर में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ने लगी थी। कार्यक्रम के अनुसार सुबह 9 बजे भगवान के सुनाबेश दर्शन होने थे, लेकिन विभिन्न धार्मिक नीतियों और अनुष्ठानों में विलंब होने के कारण दर्शन निर्धारित समय पर शुरू नहीं हो सके।हालांकि, लगभग चार घंटे की प्रतीक्षा के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह में कोई कमी नहीं आई। भक्त धैर्यपूर्वक भगवान के दिव्य स्वरूप के दर्शन की प्रतीक्षा करते रहे।दोपहर बाद जब भगवान सुनाबेश में भक्तों के सामने प्रकट हुए, तो पूरा मंदिर परिसर “जय जगन्नाथ” के जयघोष से गूंज उठा। स्वर्ण आभूषणों से अलंकृत भगवान जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और देवी सुभद्रा का दिव्य स्वरूप श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बना रहा। भगवान के मुखमंडल पर दिव्य आभा और चारों ओर फैला आध्यात्मिक वातावरण श्रद्धालुओं को भावविभोर कर गया।सुनाबेश के दर्शन के साथ ही हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान का आशीर्वाद प्राप्त किया। पूरे बारीपदा शहर में भक्ति और श्रद्धा का अद्भुत माहौल देखने को मिला।अब श्रद्धालुओं की निगाहें शनिवार को होने वाले बहुड़ा रथयात्रा और रथ खींचने के कार्यक्रम पर टिकी हैं, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। प्रशासन ने भी श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए व्यापक प्रबंध किए हैं।द्वितीय श्रीक्षेत्र बारीपदा में भगवान जगन्नाथ के दुर्लभ सुनाबेश ने एक बार फिर श्रद्धालुओं को भक्ति और आध्यात्मिकता के रंग में रंग दिया। हजारों भक्तों ने दिव्य दर्शन कर स्वयं को धन्य महसूस किया।