ग्राम प्रधान, सचिव, VWSC सदस्य, एफटीके प्रशिक्षित महिलाएं, आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, शिक्षक एवं अन्य हितधारकों के मोबाइल में ऐप इंस्टॉल कराने के सख्त निर्देश:
जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय ने एनआईसी सभागार में बैठक कर जनपद में “जल सारथी” मोबाइल ऐप का व्यापक प्रचार- प्रसार करते हुए ग्राम स्तर तक शत-प्रतिशत डाउनलोड एवं प्रभावी उपयोग सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं। यह ऐप जल जीवन मिशन के अंतर्गत संचालित पेयजल योजनाओं की निगरानी, शिकायत निस्तारण, जल गुणवत्ता परीक्षण तथा जनसहभागिता को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से विकसित किया गया है। “जल सारथी” मोबाइल ऐप के माध्यम से जल जीवन मिशन की योजनाओं की जनपद एवं ग्राम स्तर तक अद्यतन स्थिति, मल्टी-लेवल डैशबोर्ड, ग्रामवार पेयजल योजनाओं की प्रगति, निर्माण, संचालन एवं अनुरक्षण से संबंधित जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इसके साथ ही जल गुणवत्ता परीक्षण, फील्ड टेस्ट किट (FTK) की गतिविधियां, जल गुणवत्ता प्रभावित क्षेत्रों की सूचना तथा पाइपलाइन क्षति, अनियमित जलापूर्ति एवं सड़क पुनर्स्थापन जैसी समस्याओं की जानकारी भी उपलब्ध रहेगी। ऐप के माध्यम से नागरिक पाइप पेयजल योजनाओं से संबंधित शिकायतें ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, उनकी मॉनिटरिंग कर सकेंगे तथा शिकायतों पर हुई कार्रवाई की स्थिति का भी अवलोकन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त ग्राम पंचायत स्तर पर जलापूर्ति की वर्तमान स्थिति, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (VWSC), एफटीके प्रशिक्षित महिलाओं, ग्राम प्रधान एवं अन्य हितधारकों का विवरण भी ऐप पर उपलब्ध रहेगा। निर्देशों में कहा गया है कि ऐप के माध्यम से सूचना, शिक्षा एवं संचार (IEC) तथा आईएसए (ISA) गतिविधियों की प्रगति का भी अवलोकन किया जा सकेगा। साथ ही विभागीय अधिकारियों के संपर्क विवरण, योजनाओं की प्रगति एवं अन्य आवश्यक सूचनाएं भी एक ही मंच पर उपलब्ध रहेंगी, जिससे ग्रामीण पेयजल योजनाओं के संचालन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा मिलेगा।जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को समन्वय स्थापित करते हुए प्रत्येक ग्राम में ग्राम प्रधान प्रशासक, ग्राम सचिव, ग्राम पेयजल एवं स्वच्छता समिति (VWSC) के सदस्य, एफटीके प्रशिक्षित महिलाएं,आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां, प्राथमिक विद्यालयों के शिक्षक, लेखपाल, ग्राम विकास अधिकारी एवं अन्य जन प्रतिनिधियों के मोबाइल फोन पर “जल सारथी” ऐप डाउनलोड एवं इंस्टॉल कराना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सभी हितधारकों को ऐप की प्रमुख सुविधाओं एवं उपयोगिता की जानकारी भी दी जाए, ताकि वे अपने गांव की पेयजल व्यवस्था, जल गुणवत्ता, योजनाओं की प्रगति एवं शिकायतों के निस्तारण की नियमित निगरानी कर सकें। साथ ही जिला एवं डीडब्ल्यूएसएम (DWSM) की बैठकों में इसकी नियमित समीक्षा करते हुए यह सुनिश्चित किया जाए कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी लक्षित हितधारकों के मोबाइल फोन पर “जल सारथी” ऐप डाउनलोड हो जाए और उसका प्रभावी उपयोग प्रारंभ हो सके, जिससे ग्रामीण पेयजल योजनाओं से संबंधित सेवाओं एवं सूचनाओं की पहुंच अधिक से अधिक लोगों तक सुनिश्चित हो सके। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राजीव राज,अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे प्रेमचंद मौर्य, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण अंचल गुप्ता, जिला पंचायत राज अधिकारी आदि सहित सम्बंधित अधिकारी मौजूद रहे।
(अनिल कुमार ओझा/ITN news)