बारिपदा, 7 अगस्त। मयूरभंज जिले के रासगोबिंदपुर वन क्षेत्र में हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में लगातार दहशत बनी हुई है। जानकारी के अनुसार, रासगोबिंदपुर ब्लॉक क्षेत्र में कुल 27 हाथी विचरण कर रहे हैं, जिनमें से 12 हाथियों का एक झुंड सारमूला इलाके में डेरा डाले हुए है। बीते एक सप्ताह के दौरान हाथियों ने सात से अधिक घरों को क्षतिग्रस्त कर दिया है, जिससे ग्रामीणों को भारी नुकसान उठाना पड़ा है।
शुक्रवार सुबह करीब 6 बजे 12 हाथियों के झुंड से अलग होकर एक दंतैल हाथी जोड़पड़ा बाजार पहुंच गया। सड़क किनारे लगे कटहल के पेड़ से फल खाते हुए हाथी को देखकर स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई।
इसके बाद दंतैल हाथी जोड़पड़ा–बस्ता मुख्य सड़क पर करीब दो घंटे से अधिक समय तक खड़ा रहा, जिसके कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। हाथी को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि घटना के काफी देर बाद तक वन विभाग की टीम मौके पर नहीं पहुंची। इस दौरान कुछ लोगों ने हाथी को भगाने का प्रयास किया, जिस पर हाथी ने आक्रामक व्यवहार दिखाते हुए हमला करने की कोशिश की। बाद में ग्रामीणों द्वारा जलती मशाल दिखाने पर हाथी सड़क छोड़कर जंगल की ओर लौट गया।
हालांकि, इस घटना में किसी व्यक्ति के घायल होने या किसी प्रकार की अतिरिक्त क्षति की सूचना नहीं है। फिर भी हाथियों की लगातार आवाजाही से क्षेत्र के ग्रामीण भय के साये में जीवन व्यतीत कर रहे हैं और वन विभाग से प्रभावी कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।
रिपोर्ट: हिमांशु शेखर प्रहराज, मयूरभंज।