दुद्धी (सोनभद्र)।(विवेक सिंह) विश्व आदिवासी दिवस के अवसर पर रविवार को स्थानीय टाउन क्लब क्रिकेट (रामलीला) मैदान में भव्य कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत स्थानीय धर्माचार्य रामनाथ श्याम व सुरेंद्र पोया द्वारा देवी-देवताओं की पूजा-अर्चना तथा 52 गढ़-57 परगना की परंपरागत स्तुति से हुई। इसके बाद आदिवासी परिधानों में सजीं युवा महिलाएँ और पुरुष छत्तीसगढ़ी लोकगीतों व डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए नगर भ्रमण पर निकले।
कार्यक्रम से पूर्व एक रंगारंग जुलूस निकाला गया जो नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए दुद्धी तहसील पर पहुंचा, जहाँ उपस्थित प्रतिनिधिमंडल ने आदिवासी समुदाय के पाँच सूत्रीय शिकायती–मांगों का ज्ञापन महामहिम राज्यपाल के नाम संबोधित कर तहसीलदार अंजनी गुप्ता को सौंपा। इसके बाद जुलूस रामलीला मैदान में समाहित होकर कार्यक्रम में तब्दील हो गया।
सभा में आदिवासी वनों और जमीनों के अधिकार, जनगणना में धर्म कोड लागू करने तथा त्रिस्तरीय पंचायत चुनावों में आबादी के अनुपात के अनुसार आदिवासी समुदाय की राजनीतिक भागीदारी सुनिश्चित कराने की मांग प्रमुख रूप से उठाई गई। आयोजकों ने कहा कि आदिवासियों के जीवन-निर्वाह व सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के साथ-साथ शिक्षा व बुनियादी सुविधाओं तक समान पहुंच सुनिश्चित करना आवश्यक है।
कार्यक्रम के मुख्य आकर्षणों में ‘कर्मा-शैला’ के सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने विशेष स्थान बनाया। बड़ी तादाद में आसपास के गांवों से आए बनवासी आदिवासी उपस्थित रहे और उन्होंने अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम का संचालन फौजदार सिंह परस्ते ने किया।
मुख्य संरक्षक के रूप में संजय गोंड धुर्वे मौजूद रहे। अन्य उपस्थित गणमान्यों में अनुसूचित जाति जनजाति आयोग के पूर्व उपाध्यक्ष श्रवण सिंह गौड़, विजय सिंह उइके, सुरेंद्र पोया,फौजदार सिंह परस्ते,सोमारु, संतोष एडवोकेट, दिनेश यादव, जितेन्द्र कुमार चन्द्रवंशी, राजेंद्र एडवोकेट, हरिकिशुन, देव कुमार जवाहर परस्ते, अमर सिंह मरावी, लालमोहन आईके, रघुवीर सिंह मरावी व सजनरायन शामिल थे। आयोजन के जिम्मेदारों ने आगे भी आदिवासी समुदाय के कल्याण हेतु समानांतर कदम उठाने का आश्वासन दिया।