रिपोर्ट : अभिषेक कुमार पाण्डेय
छत्तीसगढ़ प्रदेश राजधानी रायपुर में अब मकान मालिकों को किराएदारों और घरेलू सहायकों के पुलिस सत्यापन के लिए थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया को डिजिटल और आसान बनाने के लिए ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है। इस ऐप के माध्यम से मकान मालिक घर बैठे ही किराएदारों और घरेलू सहायकों का आवश्यक पुलिस सत्यापन करा सकेंगे।
समाधान ऐप के जरिए मकान मालिक संबंधित किराएदार या घरेलू कर्मचारी की जरूरी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे। इसमें नाम, पता और अन्य आवश्यक दस्तावेजों से संबंधित जानकारी अपलोड की जा सकेगी। इसके बाद पुलिस रिकॉर्ड के आधार पर सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, पहले किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों के सत्यापन के लिए लोगों को थाने जाकर आवेदन देना पड़ता था। इससे समय और मेहनत दोनों लगती थी। अब डिजिटल व्यवस्था के जरिए मोबाइल से ही सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे आम लोगों को सुविधा मिलने के साथ पुलिस की कार्यप्रणाली भी अधिक प्रभावी और पारदर्शी होगी।
रायपुर पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों में रहने वाले सभी किराएदारों और काम करने वाले घरेलू कर्मचारियों का अनिवार्य रूप से पुलिस सत्यापन कराएं। पुलिस का कहना है कि किराएदारों और कर्मचारियों का सत्यापन परिवार की सुरक्षा के साथ-साथ अपराधों की रोकथाम की दृष्टि से भी बेहद महत्वपूर्ण है।
पुलिस उपायुक्त दीपमाला कश्यप ने बताया कि समाधान ऐप की मदद से किराएदारों और घरेलू कर्मचारियों का सत्यापन आसानी से कराया जा सकता है। परिवार की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सभी नागरिकों को सत्यापन जरूर कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि दूसरे राज्यों में अपराध करने के बाद रायपुर में आकर छिपने वाले आरोपियों की पहचान करने में भी यह प्रक्रिया पुलिस के लिए काफी मददगार साबित हो सकती है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, डिजिटल सत्यापन व्यवस्था से किसी आपात स्थिति में संबंधित व्यक्ति की जानकारी पुलिस को जल्द उपलब्ध हो सकेगी। साथ ही संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने और अपराधों की रोकथाम में भी मदद मिलेगी।
रायपुर पुलिस की यह पहल डिजिटल पुलिसिंग को मजबूत करने और नागरिकों को पुलिस सेवाएं घर बैठे उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।