महेश पब्लिक स्कूल में जेंडर सेंसिटिविटी पर सीबीएसई कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप आयोजित
जोधपुर। महेश पब्लिक स्कूल में सीबीएसई कैपेसिटी बिल्डिंग वर्कशॉप के अंतर्गत ‘जेंडर सेंसिटिविटी’ विषय पर एक महत्वपूर्ण एवं ज्ञानवर्धक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का उद्देश्य शिक्षकों एवं प्रतिभागियों को लैंगिक समानता, संवेदनशीलता तथा समाज में महिला एवं पुरुषों के प्रति समान दृष्टिकोण विकसित करने के लिए जागरूक करना रहा।
कार्यशाला में रिसोर्स पर्सन प्रीति गोयल एवं ममता व्यास ने विषय से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण पहलुओं पर विस्तार से प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ। विद्यालय चेयरमैन माननीय श्री कैलाश मोदी ने आगंतुक रिसोर्स प्रसेंस को पौधा व भेंट स्वरूप उपहार देकर स्वागत किया।उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में जेंडर सेंसिटिविटी केवल एक सामाजिक विषय नहीं, बल्कि एक जिम्मेदार एवं समतामूलक समाज के निर्माण की महत्वपूर्ण आवश्यकता है। विद्यालय एवं शिक्षा के क्षेत्र में इसकी भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, क्योंकि बच्चों के विचारों एवं व्यवहार को सकारात्मक दिशा देने में शिक्षकों की अहम भूमिका रहती है।
रिसोर्स पर्सन्स ने प्रतिभागियों को समझाया कि लैंगिक भेदभाव कई बार हमारे दैनिक व्यवहार, भाषा, सोच और सामाजिक परंपराओं में अनजाने में दिखाई देता है। ऐसे में आवश्यक है कि बालक-बालिकाओं को समान अवसर, सम्मान एवं अधिकार प्रदान किए जाएं। उन्होंने शिक्षकों से आह्वान किया कि वे कक्षा-कक्ष में ऐसा वातावरण विकसित करें, जहां प्रत्येक विद्यार्थी बिना किसी लैंगिक भेदभाव के अपनी प्रतिभा एवं क्षमताओं को सामने ला सके।
कार्यशाला के दौरान जेंडर स्टीरियोटाइप, लैंगिक समानता, समान अवसर, सम्मानजनक व्यवहार, संवेदनशील भाषा तथा भेदभाव रहित शैक्षिक वातावरण जैसे विषयों पर चर्चा की गई। प्रतिभागियों को विभिन्न उदाहरणों एवं गतिविधियों के माध्यम से यह समझाने का प्रयास किया गया कि छोटी-छोटी सकारात्मक पहल समाज में बड़े बदलाव का आधार बन सकती हैं।
प्रीति गोयल एवं ममता व्यास ने प्रतिभागियों के साथ संवाद करते हुए उनकी जिज्ञासाओं एवं प्रश्नों का समाधान भी किया। उन्होंने कहा कि बच्चों में समानता और सम्मान की भावना विकसित करने की शुरुआत विद्यालय एवं परिवार से ही होती है। शिक्षकों को अपने व्यवहार के माध्यम से विद्यार्थियों के सामने समानता एवं संवेदनशीलता का उदाहरण प्रस्तुत करना चाहिए।
कार्यशाला में शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विषय से जुड़े अपने विचार एवं अनुभव साझा किए। कार्यक्रम के माध्यम से सभी को यह संदेश दिया गया कि लैंगिक समानता केवल अधिकार का विषय नहीं, बल्कि एक स्वस्थ, सुरक्षित और प्रगतिशील समाज की नींव है।
विद्यालय प्राचार्या श्रीमती पुनीता बोहरा इस प्रकार की कार्यशाला के आयोजन को शिक्षकों के व्यावसायिक विकास एवं विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया गया। कार्यशाला का समापन सकारात्मक संदेश एवं भविष्य में जेंडर संवेदनशीलता को विद्यालयी गतिविधियों में और अधिक प्रभावी रूप से शामिल करने के