लवकुश नगर /मध्यप्रदेश
पहली ही बरसात में बह गई सड़क : यह विकास है या भ्रष्टाचार की खुली तस्वीर?
छतरपुर जिला अंतर्गत लवकुश नगर नगर परिषद के वार्ड न. 13 और 14 के अंतर्गत नवनिर्मित सड़क का मात्र आठ महीने में पहली ही बारिश में सामने आई बदहाल तस्वीर ने सड़क निर्माण की गुणवत्ता, निगरानी और जिम्मेदारी पर बेहद गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
वार्ड के विकास, बेहतर कनेक्टिविटी और सुरक्षित आवागमन की पहचान बनना था, वह पहली ही बरसात में सवालों के घेरे में आ गई है। लाखो रुपये की लागत से निर्मित सड़क यदि बारिश का पहला प्रहार भी नहीं झेल पाती, तो यह महज तकनीकी खामी नहीं—निर्माण की गुणवत्ता और जिम्मेदार तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न है।
जनता के टैक्स के पैसे से सड़क बने और पहली बारिश में सड़क बहने लगे—यह किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है।
आज जिस प्रकार की स्थिति सामने आई है, उसने उन आशंकाओं को और गंभीर बना दिया है।
अब सवाल सीधा है—
✅सड़क निर्माण में कौन-सी सामग्री इस्तेमाल हुई?
✅निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच किसने की?
✅तकनीकी मानकों का पालन हुआ या नहीं?
✅निगरानी करने वाले अधिकारी और जिम्मेदार एजेंसी की जवाबदेही कौन तय करेगा?
जनता के पैसे से बनने वाली सड़क किसी कंपनी की मनमानी का प्रयोगशाला नहीं हो सकती। यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की अनदेखी, घटिया सामग्री, अनियमितता या किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार सामने आता है, तो केवल मरम्मत कर मामले को दबाने के बजाय दोषी अधिकारियों, एजेंसी और संबंधित जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करते हुए कठोर कार्रवाई होनी चाहिए।
यह सड़क जनता की है, पैसा जनता का है और जवाबदेही भी जनता के प्रति ही होनी चाहिए। विकास के नाम पर घटिया निर्माण और सरकारी धन की बर्बादी किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मैं स्पष्ट कर देना चाहता हूं— जनता की सुरक्षा से खिलवाड़ करने वालों को जवाब देना होगा। जनता के धन की एक-एक पाई का हिसाब देना होगा और यदि कहीं भ्रष्टाचार हुआ है, तो दोषियों पर कार्रवाई होना चाहिए।
रिपोर्टर भूपेन्द्र पाटकार
लवकुश नगर