श्री मंगलनाथ मंदिर में भव्य प्राण-प्रतिष्ठा समारोह संपन्न, अर्पित की गई चाँदी की जलाधारी
उज्जैन | रिपोर्टर: hiraj dekar ji
धर्मनगरी उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध श्री मंगलनाथ मंदिर में गादीपति महंत श्री राजेंद्र भारती जी के कुशल संरक्षकत्व में धार्मिक उल्लास के साथ विशेष प्राण-प्रतिष्ठा समारोह आयोजित किया गया। इस पावन अवसर पर मंदिर के गर्भगृह में महंत अजय भारती जी के यजमान श्री अमर लोहड़ी एवं श्रीमती सोनम लोहड़ी द्वारा भगवान को भव्य चाँदी की जलाधारी अर्पित कर स्थापित की गई।
इसके साथ ही, महंत गणेश भारती जी के सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ भगवान गौरी-गणेश एवं कार्तिकेय जी की नवीन प्रतिमाओं की प्राण-प्रतिष्ठा विधि-विधान से संपन्न हुई। धार्मिक अनुष्ठानों के पश्चात मंदिर परिसर में भव्य संध्या आरती का आयोजन हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ उठाया। आरती के उपरांत उपस्थित सभी भक्तों के लिए महाप्रसादी का वितरण किया गया।
श्री मंगलनाथ मंदिर का महत्व
* मंगल ग्रह की जन्मभूमि: मत्स्य पुराण और स्कंद पुराण के अनुसार, उज्जैन स्थित मंगलनाथ मंदिर को मंगल देव का जन्म स्थान माना जाता है।
* भौगोलिक केंद्र बिंदु: प्राचीन भारतीय खगोल विज्ञान और ज्योतिषीय मान्यताओं के अनुसार, मंगलनाथ को पृथ्वी का नाभि केंद्र (नाभि स्थल) माना गया है।
* भात पूजा का विशेष महत्व: कुंडली में मंगल दोष, मांगलिक योग या विवाह में आ रही अड़चनों के निवारण के लिए देश-विदेश से श्रद्धालु यहाँ भगवान शिव के स्वरूप की विशेष ‘भात पूजा’ (पके हुए चावल से अभिषेक) कराने आते हैं।