सोनभद्र।समाजवादी पार्टी की महिला सभा से जुड़ी बड़ी राजनीतिक खबर सामने आई है। समाजवादी महिला सभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर बागी (भावना) की ओर से जारी नियुक्ति-पत्र में श्रीमती सुषमा यादव एडवोकेट को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष महिला सभा के पद पर नामित किए जाने की जानकारी दी गई है।
नियुक्ति-पत्र पर 31 अगस्त 2026 की तारीख दर्ज है। पत्र में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि पार्टी की नीतियों और विचारधारा को जन-जन तक पहुंचाने तथा संगठन को और अधिक मजबूत एवं गतिशील बनाने की जिम्मेदारी के साथ यह महत्वपूर्ण पद दिया गया है।
आखिर सुषमा यादव एडवोकेट को मिली यह जिम्मेदारी क्यों अहम है? राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद देने के पीछे राष्ट्रीय अध्यक्ष सीमा राजभर जी का सबसे बड़ा निर्णय इसलिए था कि एडवोकेट सुषमा यादव 2025 उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के चुनाव के दौरान लगभग 3 साल तक इन्होंने पूरे यूपी के एक-एक जिला एक एक तहसील और एक-एक विधानसभाओं का दौरा किया है जिससे समाजवादी पार्टी को बहुत बड़ी मजबूत स्तंभ के रूप में महिलाओं को जोड़ने के लिए इनको सशक्त माना जा रहा है पिछले 2022 के विधानसभा चुनाव में भी उनकी सक्रिय भूमिका देखी गई इटावा सैफई प्रयागराज गाज़ीपुर सहित कई जिलों में इन्होंने चुनाव प्रचार के दौरान सक्रिय भूमिका निभाई थी यही नहीं पिछले 9 उपचुनाव में भी प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता संघ रहते हुए सुषमा यादव एडवोकेट जी ने प्रयागराज, मिल्कीपुर , कानपुर, सभी उपचुनाव में भी सक्रिय भूमिका निभाई थी।
राष्ट्रीय उपाध्यक्ष का पद समाजवादी महिला सभा के संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी माना जाता है।
खास बात यह है कि पूरे उत्तर प्रदेश में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की एक सशक्त क्रिमिनल अधिवक्ता के रूप में पिछले 22 सालों से लगातार कार्यरत भी है जिससे उनकी पकड़ एक एक जिले एक-एक विधानसभा और गांव-गांव तक माना जाता है आप आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की राजनीति में 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां और संगठनात्मक तैयारियां तेज होने वाली हैं। ऐसे में महिला संगठन की भूमिका भी महत्वपूर्ण रहने वाली है